फतेहपुर। प्रयागराज-चित्रकूट विकास क्षेत्र (पीसीडीआर) में फतेहपुर के शामिल होने से यातायात, उद्योग और दार्शनिक स्थलों को बढ़ावा मिलेगा। इससे आर्थिक रूप से समृद्धता के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
प्रदेश सरकार ने प्रयागराज-चित्रकूट विकास क्षेत्र का गठन करने का निर्णय लिया है। इसमें छह जिलों को जोड़ा जाएगा। इसमें प्रयागराज, चित्रकूट के साथ फतेहपुर, बांदा, हमीरपुर और कौशांबी को जोड़कर पीसीडीआर बनाया जाएगा। जनपद के विकास क्षेत्र में जुड़ने विकास को रफ्तार मिलेगी। इससे बांदा, चित्रकूट और हमीरपुर की कनेक्टिविटी बढ़ेगी। वहीं बुंदेलखंड को मिलने वाले पैकेज का भी फायदा जिले के सीमावर्ती यमुना क्षेत्रों को मिलेगा। पीसीडीआर में तय किया गया है कि जनपद में गेंहू, धान, दाल व सब्जी की खेती पर्याप्त मात्रा में होती है। इससे फूड प्रोसेसिंग उद्योग जगत में बढ़ने की अपार संभावना है। वहीं एनएच-19 (पहले एनएच-दो), एनएच 30, एनएच 335, एनएच 335ए हाईवे मार्ग होने से यातायात की कनेक्टिविटी बढ़ने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। इसके साथ ही पर्यटन और धार्मिक स्थल के रूप में भिटौरा को विकसित किया जाएगा। भृगमुनि की जन्मस्थली के साथ शिव मंदिर आकर्षण के केंद्र रहेंगे। प्रयागराज और चित्रकूट धार्मिक स्थल होने के कारण यहां भी दर्शनार्थियों की भीड़ पहुंचेगी। इसके लिए चित्रकूट से बेहतर यातायात व्यवस्था बनाई जाएगी। वहीं प्रयागराज से यातायात की व्यवस्था पहले से बेहतर है। ऐसे में आंकाक्षी जिला को पीसीडीआर से जुड़ना सौगात से कम नहीं है। जनपद को विकास क्षेत्र में जोड़ने के लिए क्या-क्या चुनौतियां, फायदे व अवसर मिल सकते हैं। इसका प्रस्ताव डीएम बनाकर 31 मई तक प्रयागराज विकास प्राधिकरण को भेजेंगे।