सेना भर्ती के पहले दिन औरेया जिले के साढ़े छह हजार युवाओं ने हिस्सा लिया। भर्ती प्रक्रिया के प्रथम चरण के तहत दौड़, लांग जंप व जिंग जैग बैलेंस में 15 फीसदी अभ्यर्थी सफल हुए। सफल अभ्यर्थियों का रजिस्ट्रेशन के साथ बेव कैमरा से फोटोग्राफी व फ्रिंगर प्रिंट लिए गए। पीएफटी, जिंग जैग बैलेंस, पीएमटी प्रक्रिया में हिस्सा लेने के बाद कागजी प्रक्रिया पूरी की गई। सफल अभ्यर्थियों का मंगलवार को मेडिकल परीक्षण होगा।
सोमवार से 13 अगस्त तक चलने वाली सेना की भर्ती में शामिल होने के लिए युवाओं का उत्साह देखते बना। दिल व जेहन मेें कुछ कर गुजरने की चाह लेकर घर से निकले औरैया जिले के युवाओं ने मैदान में पूरी ताकत लगा दी। सैन्य अफसरों की निगहबानी में चालू हुुई सेना भर्ती की प्रक्रिया में इस जिले से साढ़े छह हजार युवाओं ने शिरकत किया। जिसमें से करीब 15 फीसदी ने दौड़ निकाल करके भर्ती प्रक्रिया में बने रहने की लाइन साफ कर ली। दौड़ में सफल रहे अभ्यर्थियों का रजिस्ट्रेशन हुआ। रजिस्ट्रेशन के बाद सभी को बेव कैमरा में कैद करने के साथ ऐहतियात के तौर पर फ्रिंगर प्रिंट भी लिए गए। इस प्रक्रिया के बाद सफल अभ्यर्थियाें की पीएफटी हुई। जिसमें नौ फिट का गड्ढा लांघना था। छलांग भरने के बाद अभ्यर्थियों ने छह बीमे लगाई। जिंग जैग बैलेंस की दक्षता पार करने के बाद प्रतिभागियों को पीएमटी टेस्ट से गुजरना पड़ा। जिसमें ऊंचाई, लंबाई, वजन व छाती आदि की नाप की गई। इन सभी दक्षताओं को पूरी करने के बाद सैन्य अफसरों ने सफल अभ्यर्थियों के कागजात चेक किए। सेना भर्ती के डायरेक्टर कर्नल पीडीएस बल ने बताया कि पहली दिन की रैली में करीब 15 फीसदी सफल अभ्यर्थी सफल रहे हैं। वांछित दक्षताओं को पास करने वाले अभ्यर्थियों का मंगलवार को मेडिकल टेस्ट होगा।
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ब्रिगेडियर ने देखीं व्यवस्थाएं
सोमवार से जिले में शुरू हुई सेना भर्ती की प्रक्रिया से वाकिफ होने के लिए सेना के अधिकारियों ने डेरा डालना शुरू कर दिया। पहले दिन उत्तर प्रदेश व उत्तरांचल के डीडीजी रिक्रूटिंग ब्रिगेडियर संदीप सहगल ने पीएसी मैदान में चल रही भर्ती पर निगाहें गड़ाई। सेना भर्ती को लेकर सैन्य अधिकारियों से चर्चा करने के साथ युवाओं के दक्षता इंतहान का नजारा लिया। इसी के साथ उन्होंने युवाओं का हौसला भी बढ़ाने का काम किया।
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सेना की वर्दी में खुद को देखने की हसरत
सेना भर्ती रैली के पहले दिन औरैया के युवाओं ने जोश व जज्बे के साथ इम्तहान में हिस्सा लिया। अजीतमल के सुरेश कुमार ने बताया कि वह तीसरी बार सेना भर्ती में शामिल हो रहा है। इस बार फिर किस्मत ने साथ नहीं दिया, लेकिन वह हार नहीं माना है। यहीं के राजकुमार ने पहली मर्तबा भर्ती में भाग लिया। राजकुमार कहते हैं कि सफलता और असफलता, ये दोनों जीवन का हिस्सा हैं। ऐसे में इन्हें स्वीकारते हुए लक्ष्य की ओर बढ़ना ही मंजिल तक पहुंचा जा सकता है। दौड़ में शामिल होने जा रहे मनोज सिंह ने बताया कि उसके परिवार से कई लोग सेना में सेवाएं दे रहे हैं। सेना की वर्दी में अपनों को देख करके वह भी इस वर्दी में खुद को देखना चाहता है। ऊपर वाले ने चाहा तो सब कुछ अच्छा होगा।
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ड्रग्स की पड़ताल में खंगाले गए बैग
सेना भर्ती के लिए मैदान में उतरने से पहले ड्रग्स के जरिए मैनपावर बढ़ाने की कोशिशों को विराम देने के लिए सेना व सिविल पुलिस मुस्तैद रही। भर्ती स्थल में पहुंचने वाले युवाओं के सामान को चेक किया जाता रहा। बैग व झोला खंगालने के बाद जिन्हेें अंदर जाने दिया गया।