फतेहपुर। सरकार के निर्देश राशन उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रहे हैं। कोटेदार राशन देने के लिए उपभोक्ता पर बाजार की घरेलू उपयोग वाली वस्तुएं भी लेने का दबाव बना रहे हैं। कोटेदार गेहूं, चावल के साथ घरेलू सामान के नाम पर चाय की पत्ती, साबुन व डिटर्जेंट पाउडर बेच रहे हैं। सामान नहीं लेने पर राशन नहीं देने का दबाव बनाते हैं।
कोटेदार की माली हालत बेहतर बनाने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से दैनिक उपयोग की वस्तुएं बेचने के लिए सरकार ने अनुमति दे दी है। वह 25 तरह के दैनिक उपयोग के घरेलू सामान बाजार से खरीदकर अपने कार्डधारकों को दे सकते हैं। इसकी आड़ में कोटेदारों ने सामान बेचने के नाम पर रेट मनमाने निर्धारित कर दिए हैं। एक किलों डिटर्जेंट पाउडर, तीन साबुन व 10 रुपये की चाय पत्ती पैकेट के लिए सौ रुपये की रकम ले रहे हैं। वर्तमान में जिले की 1098 सार्वजनिक राशन दुकानों से पांच लाख दो हजार उपभोक्ताओं को खाद्यान्न वितरण होता है। इस बार अप्रैल में उपभोक्ताओं को गेहूं व चावल ही बांटा गया। उसके साथ सौ रुपये का घेरलू सामान जरूर जोड़ दिया गया, जो रुपये लेकर नहीं गए। उन्हें बिना राशन लौटना पड़ा। नई व्यवस्था से राशनकार्ड धारक भी हतप्रभ हैं।
फोटो-35-कांशीराम कालोनी निवासी शारदा देवी ने बताया कि राशन लेने के लिए कोटेदार के पास गईं। कोटेदार ने 100 रुपये में तीन सामान देने की बात कही। उसके बाद राशन के साथ एक किलो डिटर्जेंट पाउडर, तीन साबुन व एक चाय पत्ती का पैकेट खरीदा।
फोटो-36-कांशीराम कालोनी के गरीबे ने बताया कि कोटा में चावल व गेंहू निशुल्क मिला लेकिन साबुन व डिटर्जेंट का सौ रुपये लिया गया। इसका भी पैसा नहींं लिया जाना चाहिए। जिनके पास पैसे न हो, वह क्या करेंगे।
कोट्स
सरकारी राशन की दुकानों में 25 दैनिक उपयोग की वस्तुओं को बेचने का शासन से निर्देश मिले हैं। यह सामान सरकार के नहीं है। कोटेदार बाजार से सामान लेकर बेच सकते हैं। अभय सिंह, जिलापूर्ति अधिकारी