माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा पाठ्यक्रम में बदलाव किया है। नई व्यवस्था 2017 में होने वाली परीक्षा से लागू होगी। अब इंटरमीडिएट की परीक्षा में 11वीं कक्षा के प्रश्न नहीं पूछे जाएंगे। परिषद का मानना है कि इससे परीक्षार्थियों पर तैयारी का दबाव कम होगा और मेरिट भी अच्छी बनेगी।
इंटरमीडिएट परीक्षा को दो भागों में बांट दिया गया है। बोर्ड परीक्षा में अब सिर्फ कक्षा 12 का ही पाठ्यक्रम शामिल होगा। कक्षा-11 के पाठ्यक्रम को बोर्ड परीक्षा से बाहर करने की योजना को अंतिम रूप दे दिया गया है। इस आशय का आदेश परिषद सचिव शैल यादव की ओर से जारी भी हो चुका है।
उधर, बोर्ड परीक्षा के पाठ्यक्रम में परिवर्तन से छात्र-छात्राओं में खुशी है। शहर के देवीगंज निवासी इंटरमीडिएट के छात्र निखिल अग्निहोत्री का कहना है कि कक्षा 11 और 12 का पाठ्यक्रम बोर्ड परीक्षा में शामिल होने पर ज्यादा तैयारी करनी पड़ती है। पाठ्यक्रम घटने से दबाव कम होगा। उन्हें तो इसका लाभ नहीं मिल पाएगा।
लेकिन इस नई व्यवस्था से मेरिट अच्छी बनेगी। चौकी निवासी कक्षा- 11 की पायल तिवारी बोर्ड परीक्षा का पाठ्यक्रम घटने से खुश हैं। उनका कहना है कि अब अच्छी मेरिट हासिल करना आसान होगा। क्योंकि दो साल का पाठ्यक्रम एक साथ तैयार करना बड़ी चुनौती होती है। एक साल के पाठ्यक्रम से परीक्षा की तैयारी अच्छी होगी।