फतेहपुर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में बृहस्पतिवार से दो दिवसीय स्मार्ट क्लास एवं आईसीटी लैब प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में बीईओ, एआरजी और शिक्षकों ने भाग लिया। इसका नेतृत्व डायट प्राचार्य और उप शिक्षा निदेशक आरती गुप्ता ने किया। इसमें रटने की बजाय जेमिनी और वर्चुअल लैब के माध्यम बढ़ावा देने की बात कही गई।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को डिजिटल लीडर बनने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जेमिनी, वर्चुअल लैब, ओ-लैब्स व स्वयं प्लेटफॉर्म के प्रभावी इस्तेमाल की जानकारी दी गई। शिक्षकों को आधुनिक तकनीक आधारित स्मार्ट लेसन प्लान तैयार करने पर भी मार्गदर्शन किया गया।
डायट प्रवक्ता अतुल कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप रटने वाली शिक्षा के स्थान पर जेमिनी और वर्चुअल लैब जैसे टूल्स के माध्यम से अनुभवात्मक शिक्षण को बढ़ावा देना और जिले की हर आईसीटी लैब को पूर्ण क्षमता से संचालित करना लक्ष्य है।
सेवारत प्रभारी विनय कुमार मिश्र ने कहा कि शिक्षक अब सुविधादाता की भूमिका में हैं और आईप्रेप जैसे प्लेटफॉर्म के जरिये छात्रों की प्रगति का डेटा आधारित मूल्यांकन कर परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा के नए युग की शुरुआत कर रहे हैं।
कार्यक्रम में वेंडर प्रतिनिधि संदीप और सत्येंद्र ने एलएमएस सहित अन्य एप्स की तकनीकी कार्यप्रणाली साझा की। प्रशिक्षक के रूप में कंपोजिट विद्यालय चक शाहफिरोज के सहायक अध्यापक विपिन त्रिपाठी, एआरपी भिटौरा आशीष प्रकाश श्रीवास्तव, सभी बीईओ, एसआरजी और शिक्षक मौजूद रहे।