फतेहपुर। बहुआ क्षेत्र की चक इटौली ग्राम पंचायत में मनरेगा से कराए गए कार्यों में रिकवरी के बजाय 82 लाख रुपये का मनमाना भुगतान किए जाने का मामला अब शासन स्तर तक पहुंच गया है। वर्ष 2022-23 के कार्यों में फर्जी भुगतान और गंभीर अनियमितता की शिकायत पर अपर आयुक्त मनरेगा को जांच सौंपी गई है। दो और तीन फरवरी को वे मौके पर जाकर जांच करेंगे।
इस मामले की शिकायत भाजपा नगर मंत्री त्रितोष गुप्ता ने 10 अक्तूबर 2025 को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि ग्राम पंचायत में मनरेगा के नाम पर अवैध कार्य कराए गए और नियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर भुगतान किया गया।
मनरेगा लेखपाल की ओर से जांच कर रिकवरी तय की गई थी लेकिन आरोप है कि बहुआ के वर्तमान और पूर्व खंड विकास अधिकारी ने 50-50 प्रतिशत अवैध धनराशि लेकर मनरेगा की गाइडलाइन दरकिनार करते हुए उन्हीं कार्यों का भुगतान करा दिया। इससे शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया की खुलेआम अनदेखी हुई।
गंभीरता को देखते हुए अनु सचिव योगेंद्र दीक्षित ने जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। अपर आयुक्त मनरेगा अमनदीप ने मुख्य विकास अधिकारी को पत्र लिखकर दो और तीन फरवरी को अभिलेखों और कार्यों की जांच करने का आदेश दिया।
जांच में प्रकरण से संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना में सामने आए इस मामले ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।