संवाद न्यूज एजेंसी
औंग। थाना क्षेत्र के गोधरौली गांव के एक भट्ठे में मजदूरों को बंधक बनाकर काम लेने की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर की गई। जिसको संज्ञान लेते हुए डीएम संजीव सिंह ने श्रमायुक्त व पुलिस को इत्तला कर मामले की जांच का जिम्मा सौंपा। श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने सोमवार को पुलिस की मौजूदगी में बकाया भुगतान कराके मजदूरों को कानपुर तक छोड़वाने का इंतजाम कराया।
पांच दिन पहले संभल जिले के लहरा नगला के रहने वाले श्याम तथा बदायूं जनपद के टहरा गांव से 22 मजदूर ईंट पथाई के लिए ठेकेदार नत्थू व जगदीश के जरिए गोधरौली के भट्ठा मालिक लेकर आए थे। आरोप है कि इन मजदूरों का भुगतान करने के बजाय बंधक बना लिया गया। मामले की शिकायत आरजीआरएस पोर्टल पर हुई तो प्रशासन जागा। डीएम के हस्तक्षेप पर श्रम प्रवर्तन अधिकारी रामवृक्ष पुलिस को लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि 25 सौ ईंट पथाई का भुगतान बकाया है। जिसे बिक्र फील्ड मालिकों से दिलवाकर मजदूरों को कानपुर तक छोड़वा दिया गया है। बंधक बनाने जैसी बात सामने नहीं आ सकी है। थानाध्यक्ष केशव वर्मा ने बताया 12 दिन पहले भी साठ मजदूर बदायूं और संभल जनपद के आए थे। इन सभी ने भी इसी भट्ठा मालिक पर बंधक बनाकर काम करने कराने व छेड़खानी का आरोप लगाया था। उन्हें भी भट्ठा मालिक के जरिए बदायूं छुड़वाया गया था।