बढ़ती आद्रता और धूप से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। खासकर बच्चे और बुजुर्ग संक्रामक रोगों की चपेट में जल्दी आते हैं। हफ्ते भर में जिला अस्पताल आए मरीजों में 80 फीसदी मरीज डायरिया, बुखार, उल्टी-दस्त व त्वचा संबंधी रोगों से ग्रसित मिले। जिला अस्पताल में जहां वार्ड फुल हैं, वहीं नर्सिंगहोम और क्लीनिकों में भी लंबी लाइन लग रही है। ग्रामीणांचलों में स्थिति और भी बदहाल है। डॉक्टरों ने बाजारू खाने से परहेज करने के साथ साफ सफाई पर ध्यान देने की सलाह दी है।
शनिवार को जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। ओपीडी कक्ष के सामने मरीज अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए वहीं पर्चा बनवाने के लिए मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। सबसे ज्यादा मारामारी दवा काउंटर में तीमारदारों को करनी पड़ी। इसी प्रकार वार्ड में मसवानी के इंद्र कुमार, बकंधा निवासी शोभा देवी, हसवा के रोहित समेत उल्टी दस्त व बुखार से एक दर्जन मरीज भर्ती हैं। बाल रोग विशेष डा.जेके उमराव ने बताया कि इन दिनों निकल रही तेज धूप से बचने की जरूरत है। खासकर जब घर से बाहर निकलें तो बच्चों को अच्छे से ढक लें। साफ और उबला पानी पिएं साथ ही सुबह शाम ताजा भोजन करें। उन्होंने सलाह दिया कि बीमार होने पर कुशल चिकित्सक से ही इलाज कराएं।