फोटो- 21- बलईपुर के बाग में रखा आलू
- जिले के 14 कोल्ड स्टोर फुल, चार में भंडारण की बची जगह
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। जिले में आलू की खेती करने वाले किसानों की मुश्किलें कम नहीं हो रहीं। हालात ये हैं कि 14 शीतगृह भर चुके हैं। शेष चार शीतगृहों में भी आलू भंडारण के लिए बहुत कम जगह बची है। ऐसे में आलू भंडारण करने वाले किसानों को निराशा हाथ लग रही है। शीतगृहों के सामने आलू से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ीं हैं। खेत और बागों में आलू के ढेर लगे हैं। शीतगृह संचालक आलू भंडारण करने में आनाकानी कर रहे हैं।
जिले में कुल 18 शीतगृह हैं। इन कोल्ड स्टोरेज में 1.48 लाख मीट्रिक टन आलू रखने की क्षमता है। अब तक एक लाख 43 हजार मीट्रिक टन आलू भंडारण किया जा चुका है। अभी भी करीब पांच हजार मीट्रिक टन आलू भंडारण करने के लिए शेष बचा है। किसान आलू रखने के लिए शीतगृह पहुंच रहे हैं, जहां उन्हें जवाब मिल रहा है कि कोल्ड स्टोरेज फुल हो गए हैं। बारिश, ओलावृष्टि के चलते आलू सड़ न जाए, इसलिए आलू भंडारण करने को लेकर और मारामारी मची है। शहर के भिटौरा रोड, बिंदकी के दरवेशाबाद, गोधरौली, कुंवरपुर रोड के शीतगृहों के सामने आलू भरी ट्रॉलियां खड़ी हैं। किसान तीन-चार दिन से आलू भंडारण करने का इंतजार कर रहा है, लेकिन उनका दुखड़ा सुनने वाला कोई नहीं है। इससे वे परेशान और हताश हैं। 14 कोल्ड स्टोरेज फुल होने पर बिचौलिये सक्रिय हो गए हैं। वह चहेते किसानों का आलू शीतगृहों में रखवाने का काम कर रहे हैं।
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उत्पादन अधिक, कम रेट बन रहा परेशानी का सबब
जिले के 20 हजार किसान 9500 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर आलू की खेती करते हैं। इस बार दो लाख मीट्रिक टन से अधिक आलू पैदा हुआ है। एक तरफ जहां आलू की पैदावार अधिक हुई है, वहीं आलू के दाम इस बार कम हैं। ऐसे में किसानों को लागत निकालना मुश्किल है। लागत निकालने के चक्कर में किसान आलू भंडारण करने के लिए शीतगृह पहुंच रहे हैं, जहां उन्हें निराशा लग रही है।
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नहीं रखा जा रहा आलू
रसूलाबाद के किसान गुड्डू ने बताया कि 650 बोरी आलू की पैदवार हुई है। 550 बोरी आलू थरियांव के एक कोल्ड स्टोर में रख गया है, लेकिन फुल हो जाने के कारण 100 बोरी आलू नहीं रखा गया है। बाग में डंप है। क्षेत्र के थरियांव, उसरैना, बिलिंदा के शीतगृह फुल हो गए हैं। इससे परेशानी झेलनी पड़ रही है।
.................................. बलईपुर निवासी बलभद्र सिंह का कहना है कि आलू की फसल इस बार घाटे का सौदा साबित हो रही है। मुनाफा कमाने की कौन कहे, लागत निकालना मुश्किल है। 400 क्विंटल आलू का उत्पादन हुआ है। आलू भंडारण के लिए शीतग़ृहों के चक्कर काट रहा हूूं, लेकिन उनकी पीड़ा सुनने वाला कोई नही हैं।
......................... कोट:
जिले में एक लाख 43 हजार मीट्रिक टन आलू का भंडारण कराया जा चुका है। किसानों को समस्या को देखते हुए सभी अधिकारियों, कर्मचारियों की डयूटी कोल्ड स्टोरेज लगाई गई हैं। कहीं कोई समस्या नहीं आ रही है। चार कोल्ड स्टोरेज अभी भी खाली हैं। किसान वहां अपना आलू जमा करा दें। अब मंडियों में आलू के रेट भी बढ़ रहे हैं। जिनका आलू बाग व खेत में डंप है, वह मंडी में बिक्री कर लें।
- श्याम सिंह, जिला उद्यान अधिकारी