अलग-अलग क्षेत्रों में चार मार्ग दुर्घटनाओं में महिला समेत पांच लोगों की मौत हो गई। जबकि आधा दर्जन लोग घायल हो गए। घायलों को सीएचसी अमौली में भर्ती कराया गया। जहां गंभीरावस्था में युवक को कानपुर रेफर कर दिया गया। घटनाओं की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों का पोस्टमार्टम कराया है।
थाना क्षेत्र के भदवा मोहनखेड़ा गांव निवासी सुनील (30) पुत्र श्रीधर सोनकर शाम को घर से अपनी ससुराल बाइक से नौरंगा जा रहा था।
बाइक सवार की पनई गांव के पास बाइक सवार धर्मेंद्र पुत्र दास निवासी त्रिलोकीपुर कोतवाली से सीधी भिड़ंत हो गई। हादसे देखकर आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। एंबुलेंस के पहुंचने से पहले ही सुनील की मौत हो गई।
हादसे की खबर पर परिजन मौके पर पहुंचे। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। उधर, धर्मेंद्र को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर हालत नाजुक देखकर डाक्टरों ने उसको कानपुर रेफर कर दिया।
उधर, थाना क्षेत्र के कु सुंभी गांव निवासी गरीबदास की 45 वर्षीय पत्नी फूलमती अपनी बेटी रेनू के साथ खेतों से साइकिल से घर लौट रही थी।
रास्ते में गांव के ही ट्रैक्टर चालक अनिल ने टक्कर मार दी। हादसे में महिला उछलकर दूर जा गिरी। तभी अनियंत्रित ट्रैक्टर ने महिला को कुचल दिया।
हादसे से परिजनों में कोहराम मच गया। इसी तरह अमौली के चांदपुर थाना क्षेत्र के चहुलपुर निवासी चंद्रशेखर शुक्रवार को बाइक से अपनी पत्नी मीरा एवं पुत्री आयुषी और पड़ोसी पूनम के साथ अमौली बाजार से घर लौट रहा था।
वह कस्बे से दो किलोमीटर दूर पारस भट्ठे के पास पहुंचा थआ कि सामने से आ रही पिकप ने टक्कर मार दी, जिसमें चारों गंभीर रूप से घायल हो गए।
इन्हें सीएचसी अमौली में भर्ती कराया गया लेकिन डॉक्टरों ने इन लोगों को कानपुर रेफर कर दिया। इलाज के दौरान चंद्रशेखर(40) की मौत हो गई।
इसी पिकप ने गांव गढ़वा के पास बाइक सवार 35 वर्षीय रामू सोनकर पुत्र घासे व रवि सोनकर को टक्कर मार दी।
यह लोग अमौली से अपने गांव बुढ़वां जा रहे थे। इससे रामू की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि रवि गंभीर रूप से घायल हो गया।
तीसरी घटना में कस्बा अमौली स्थित कन्या जूनियर विद्यालय से पढ़कर अपने घर गांव मदुरी जा रही कक्षा 6 की छात्रा मंजू पुत्री ओम प्रकाश कोरी व सामने से आ रहे साइकिल सवार दिलीप यादव निवासी बिलारी को तेज रफ्तार बोलेरो गाड़ी ने टक्कर मार दी। घायलों को सीएचसी अमौली में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान हालत चिंताजनक देख डाक्टरों ने कानपुर के लिए रेफर कर दिया। इलाज के दौरान मंजू(12) की कानपुर में मौत हो गई। उधर, हादसों से पीड़ित परिवारों में कोहराम मच गया।