जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला जज अली जामिन की अध्यक्षता में दीवानी न्यायालय परिसर में एक मासिक राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ।
अदालत में मोटर वाहन दुर्घटना एवं प्रतिकर के दो, वैवाहिक 11, उत्तराधिकार एक, दीवानी पांच, राजस्व 122, बैंक लोन वसूली के 287 तथा आपराधिक के 529 वादों को मिलाकर कुल 963 वादों का निस्तारण किया। मोटर वाद दुर्घटना एवं प्रतिकर के वादों में 695000, फौजदारी वादों में 71390 एवं बैंक लोन वसूली वादों में 7876027 रुपये जमा कराए।
मासिक राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ जिसमें जनपद न्यायाधीश ने तीन निष्पादन वादों का निस्तारण किया।
विशेष न्यायाधीश एससीएसटी संदीप जैन ने एक मोटर वाहन दुर्घटना एवं प्रतिकर के वाद निस्तारित कर 425000 प्रतिकर के रूप में दिलाए।
प्रिंसिपल जज फेमिली कोर्ट रमेश सिंह ने 11 वैवाहिक वादों का निस्तारण कराया। विशेष न्यायाधीश ईसी ऐक्ट वेदपाल ने पचास अंतिम आख्या का निस्तारण किया।
अपर जिला जज कोर्ट नंबर तीन पवन प्रताप सिंह ने तीन वापसी प्रार्थनापत्र एवं एक मोटर वाहन दुर्घटना एवं प्रतिकर के वाद निस्तारित कर 270000 प्रतिकर के रूप में दिलाए गए।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिव कुमार ने 252 आपराधिक वाद निस्तारित कर 41930 अर्थ दंड के रूप में जमा कराया गया। अपर सीजेएम कोर्ट नंबर 11 शैलेंद्र वर्मा ने 43 आपराधिक वाद निस्तारित कर पांच हजार रुपए अर्थ दंड के रूप में जमा कराए। अपर सीजेएम अबुल कैशन ने एक दीवानी, एक उत्तराधिकार तथा अन्य अपराधिक वाद निस्तारित कराए। इसके अलावा सभी बैंकों द्वारा प्रीलीटीगेशन के आधार पर बैंक लोन वसूली के 287 वाद निस्तारित कर 7876027 रुपया ऋण के रूप में जमा कराए। राजस्व न्यायालयों द्वारा 122 राजस्व वादों का निस्तारण किया गया तथा किशोर न्याय बोर्ड द्वारा बाल संवाद अदालत लगाकर नौ वादों का निस्तारण किया गया।