पुलिस लाइन में हत्यारोपी अभय व शिवांग।
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कर्ज माफी के बदले दोस्त से उसकी बहन मांगने पर विक्रम सिंह को मार डाला गया था। उसकी हत्या दो दोस्तों ने गला घोंटकर की। इसके बाद हादसा जताने के लिए शव को रेलवे ट्रैक पर लिटा दिया था। पुलिस यह खुलासा दोनों दोस्तों को गिरफ्तार कर एक हफ्ते बाद कर पाई। आरोपियों के पास से विक्रम की बाइक, मोबाइल व ब्रेसलेट बरामद हुई है। हत्या का मुख्य आरोपी अभय सिंह, विक्रम का मौसेरा भाई है।
पुलिस लाइन में गुरुवार को एसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि लखनऊ रोड पर जगतपुर गाड़ा के पास बुधवार रात आरोपी अभय सिंह परिहार और गाजीपुर थाना के सेवरामऊ निवासी अनिल द्विवेदी के पुत्र शिवांग द्विवेदी उर्फ एनडी को गिरफ्तार किया है। बताया कि विक्रम सिंह आईपीएल मैचों की सट्टेबाजी करता था। सट्टेबाजी में अभय 20 हजार रुपये हार गया था, उसे कर्ज के रूप में मानकर इसे लौटाने को कहा था।
बीते सप्ताह गुरुवार रात विक्रम सिंह ने दोस्तों को कार खरीदने की पार्टी दी थी। सारे दोस्तों के चले जाने के बाद विक्रम की बाइक से अभय, शिवांग एक बोतल शराब लेकर रेलवे गोदाम दुर्गा मंदिर के पास पहुंचे। शराब के नशे में विक्रम ने अभय से रुपयों की मांग की। इसके बाद शर्त रखी कि उसका कर्ज वह माफ कर देगा, इसके लिए उसे अपनी बहन को उसके पास भेजना होगा। यह सुनते ही अभय तिलमिला उठा। तभी दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। शिवांग ने अभय का साथ दिया। दोनों ने मिलकर विक्रम की गला घाेंटकर हत्या कर दी।
इसके बाद बाइक, मोबाइल, रुपये, ब्रेसलेट उतारे और शव को ट्रेन की पटरियों पर रख दिया था। खुलासे में सीओ समरबहादुर, कोतवाल राजकुमार पांडेय, राधानगर चौकी इंचार्ज कमलेश पाल, क्राइम ब्रांच प्रभारी नसीम आलम, सर्विलांस प्रभारी राजेश सिंह, रजनीश पांडेय शामिल रहे हैं।