इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा की दूसरी पाली में दो केंद्र व्यवस्थापकों के खिलाफ कार्रवाई की गाज गिरी। जबकि एक केंद्र में मुन्नाभाई पकड़ा गया। केंद्र व्यवस्थापक ने मुन्नाभाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर पुलिस के हवाले कर दिया है।
बोर्ड परीक्षा की दूसरी पाली में ग्राम्य दर्शन इंटर कालेज कल्यानपुर कचरौली में विकलांग परीक्षार्थी अमित सिंह को नियमानुसार राइटर आवंटित किया गया था।
डीआईओएस को राइटर पर संदेह हुआ, तो उन्होंने गहनता से छानबीन की। इस पर पता चला कि राइटर बना रोहित सिंह 2014 में इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुका है।
उसने बरेएपुर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से फर्जी 11 की मार्कशीट के साथ फोटो भी इसी स्कूल के प्रधानाचार्य श्लेष कुमार सिंह सत्यापित की है।
इसी आधार डीआईओएस ने पकड़े गए मुन्ना भाई को धता पुलिस को सौपते हुए केंद्र व्यवस्थापक को बरेपुर प्रधानाचार्य श्लेष कुमार सिंह के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज लंकारोड बिंदकी में स्वकेंद्र की छात्राएं अलग कमरे में परीक्षा देती पाई गई। यहां पर कालेज की भौतिक विज्ञान विषय के प्रवक्ता सुरेंद्र प्रसाद, अतुल बाजपेई, संजय सिंह परीक्षा ड्यूटी करते पाए गए। डायट के बैच ने जब आपत्ति की, तो केंद्र व्यवस्थापक ने उनके अभद्रता की।
बैच की रिपोर्ट पर केंद्र व्यवस्थाप अखिलेश कुमार पांडेय के स्थान पर नेहरू इंटर कालेज बिंदकी के प्रवक्ता अमरजीत सिंह को केंद्र व्यवस्थापक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
साथ बैच से अभद्रता करने के आरोप में उन्हें परिषदीय कार्य से वंचित करने के लिए सचिव को लिखा गया है। इसी प्रकार भीमराव अंबेडकर इंटर कालेज परीक्षा केंद्र में दस मिनट विलंब से प्रश्नपत्र वितरण करने पर केंद्र व्यवस्थापक विजय लक्ष्मी मिश्रा की शिथिलता सिद्ध हुई है। डीआईओएस ने परीक्षा केंद्र में जीआईसी प्रवक्ता रामबाबू पाल को पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिया है।