किसान दिवस पर भाकियू प्रदेश अध्यक्ष राजेश सिंह चौहन ने किसानों की समस्याओं को लेकर आवाज उठाई। खाद, बिजली, पानी व अन्य बुनियादी समस्याओं को तत्काल खत्म करने की मांग की गई। आलू भंडारण गृहों के किराया तय करने की मांग की गई।
बुधवार को विकास भवन के सभागार में किसानों की बैठक हुई। इसमें प्रदेश अध्यक्ष राजेश सिंह चौहान कहा कि खरीफ की फसल में 50 फीसदी से अधिक धान की फसल बर्बाद हुई है।
जिसमें फसल बीमा के तहत मिलने वाली धनराशि अभी तक किसानाें को नहीं दी गई है। जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में दस घंटे बिजली आपूर्ति की जाए, जिससे किसान अपनी फसलों की सिंचाई कर सके। निचली रामगंगा नहर में पानी छोड़ा जाए।
गेहूं की फसल में यूरिया की आवश्यकता है। इससे तत्काल सभी समितियों में खाद पहुंचाई जाए। आधार कार्ड बनाने में कार्यदायी संस्था ग्रामीणों से अवैध वसूली कर रही है, जिसे तत्काल रोक कर निशुल्क आधार कार्ड बनवाए जाएं। इस मौके पर सीडीओ भवानी सिंह खंगारौत, डा. देवेंद्र स्वरूप, सुनील श्रीवास्तव, भाकियू के रामदत्त मिश्रा, राजेंद्र सिंह, बीरेंद्र सिंह पटेल आदि रहे।कृषि उपनिदेशक जीसी कटियार ने बताया कि खरीफ की फसल में 25 हजार 106 किसानों का फसल बीमा किया गया था, जिसमें एक करोड़ 93 लाख 46 हजार 363 करोड़ रुपये बीमा प्रीमियम एकत्र किया गया है। बीमा कंपनी ने फसलों के नुकसान में 14 करोड़ 21 लाख 46 हजार 396 रुपये दिया है। इस धनराशि को बैंकों के माध्यम से किसानों के खाते में भेजा जाएगा। वित्तीय वर्ष 2013-14 का रबी एवं खरीफ फसल का बीमा क्लेम छह करोड़ 91 हजार 668 रुपये किसानों के खाते में भेजा जा चुका है। इसकी सूचना बैंकों में नोटिस बोर्ड चस्पा करा दी गई है।