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पदाधिकारियों तक सीमित रही हड़ताल, बाकी जगह देखे गए मरीज

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फतेहपुर। आयुर्वेद छात्रों को सर्जरी करने की अनुमति मिलने के फैसले के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (ईएमए) की मंगलवार को घोषित देशव्यापी हड़ताल का जिले में आंशिक असर ही दिखा। संगठन के महज पदाधिकारियों तक ही हड़ताल सीमित रही। बाकी जगहों पर रोज की तरह चिकित्सकों ने ओपीडी की और मरीजों का इलाज किया। नर्सिगहोम व क्लीनिक में भी डाक्टर बैठे।
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एमबीबीएस चिकित्सक, आयुर्वेद छात्रों को मिले अधिकार पर विरोध जता रहे हैं। मंगलवार को ईएमए ने हड़ताल की घोषणा की थी। इससे मरीजों के सामने दुश्वारियां आने के कयास लगाए जा रहे थे लेकिन ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिला। सिर्फ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों के नर्सिंगहोम व क्लीनिक में ताला बंदी नजर आई। संगठन के सदस्यों के नर्सिगहोम व क्लीनिक में ओपीडी की सुविधा आम दिन की तरह जारी रही। यह जरूर रहा कि ओपीडी में देखे जाने वाले मरीजों को इमरजेंसी नाम दिया जाता रहा। बाकरगंज चौराहा के पास डॉ. तेजमान सिंह की क्लीनिक बंद रही।
चिकित्सक, ईएमए के स्थानीय अध्यक्ष हैं। पटेल नगर चौराहा स्थित एक हड्डी के अस्पताल में ताला लटकता रहा। इसका संचालन हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव रतन करते हैं। ईएमई के सदस्य डॉ. सुनील कुमार उत्तम का श्याम नर्सिगहोम खुला मिला। डॉक्टर साहब के घर में शोक होने की वजह से उन्हें घर में होना बताया गया। संगठन के संरक्षक डॉ. अशोक पटेल के श्रीराम सनेही मेमोरियल हास्पिटल में ओपीडी नहीं हुई। श्री सागर हास्पिटल में आम दिन की तरह मरीज देखे जाते रहे। जेके उमराव हास्पिटल में भी ऐसा नजारा देखने को मिला। कमोबेश यही हालात जिले में पंजीकृत 52 नर्सिंगहोम में ज्यादातर के रहे।
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