एआरटीओ दफ्तर का निरीक्षण करते डीएम कुमार प्रशांत
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डीएम कुमार प्रशांत ने बुधवार की दोपहर एआरटीओ दफ्तर का निरीक्षण किया। डीएम के आने की खबर लगते ही एआरटीओ के बाहर स्थित दुकानें धड़ाधड़ बंद हो गईं। पटल भ्रमण के दौरान केबिन के अंदर दो बाहरी शख्स सहयोग करते नजर आए। इन्हें फटकारते हुए विभागीय अफसर से दलालों का पूरी तरह से प्रवेश वर्जित करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं। किसी भी काम के लिए अतिरिक्त शुल्क न लिया जाए।
दोपहर ढाई बजे एडीएम न्यायिक जेपी गुप्ता व एसडीएम अवनीश राय के साथ डीएम कुमार प्रशांत सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय पहुंचे। जिले के आला अफसर के अचानक पहुंचने से दफ्तर के बाहर स्थित दुकानों के शटर गिर गए। डीएम ने इन दुकानों के बाबत विभाग को सचेत करते हुए कहा कि विभागीय काम में किसी प्रकार की धांधली मंजूर नहीं होगी। शिकायत मिली है कि इन दुकानों के जरिए काम कराने आने वाली जनता से ज्यादा पैसा वसूला जाता है। इन दुकानों के खिलाफ सघन अभियान चलाए जाने के संकेत दिए।
डीएम ने दफ्तर में गंदगी दिखने पर नाराजगी जताते हुए आइंदा के लिए सचेत किया। पटलवार पत्रावलियों के रखरखाव की स्थिति देखी। कुछ पटल में यह बेतरतीब मिलीं। जिस पर पटल प्रभारियों को हिदायत दी। निरीक्षण के दौरान डीएम को दो बाहरी लोग एक काउंटर पर सहयोग की मुद्रा में नजर आए। यह देखकर दोनों को बाहर कराया। चेताया कि दलालों को दफ्तर के भीतर न फटकने दिया जाया। दलाल दफ्तर में आने की जुर्रत करें तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं। वह दोबारा कभी भी यहां आ सकते हैं। गलत होता दिखा तो अच्छा न होगा। निरीक्षण के दौरान एआरटीओ प्रवर्तन सियाराम वर्मा दफ्तर में नहीं थे। एआरटीओ प्रशासन ने उनके फील्ड में होने की बात बताई।