फोटो-22-रोती बिलखती रंजना की बहन संजना। संवाद
बकेवर (फतेहपुर)। छूट गया साथ तुम्हारा, अधूरी रह गई कहानी हमारी...। आखिरी बार चेहरा भी न देख सका कुछ ऐसा ही दर्द कौशाम्बी हादसे में एक दंपती की जिंदगी में उतर आया। हादसे में महिला की मौत हो गई। पति मंझनपुर अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। वह पत्नी की अंतिम विदाई में भी शामिल नहीं हो सका। इसकी टीस उसे जिंदगी भर सालती रहेगी।
जाफरगंज थाने के धौरहारा गांव के कुरौली डेरा निवासी बंशलाल की 21 वर्षीय पुत्री रंजना की शादी 12 फरवरी को पहाड़ीपुर गांव के लवकुश के साथ हुई थी। रंजना अपने भतीजे शुभम के मुंडन में शामिल होने पति के साथ गई थी। उनके साथ मां लक्ष्मी भी संगम गई थीं। इसी दौरान हुए हादसे में रंजना की मौत हो गई।
पहाड़ीपुर से ससुर जगदीश निषाद, जेठ अखिलेश, पूर्व प्रधान गंगा प्रसाद, बीडीसी राममनोहर और तुलसीदास रंजना का शव लेकर कुरौली गांव पहुंचे। यहां से सुबह एंबुलेंस के जरिये शव पहाड़ीपुर लाया गया। अखिलेश ने बताया कि लवकुश मंझनपुर अस्पताल में भर्ती है। यहां उसकी देखभाल बंशलाल और साला अनुज कर रहे हैं। रंजना की मां लक्ष्मी देवी भी अस्पताल में भर्ती हैं।
अखिलेश ने बताया कि लवकुश बार-बार पत्नी को दिखाने की बात कह रहा था। बाद में उसे किसी तरह रंजना की मौत की सूचना दी गई। पहाड़ीपुर गांव में महिला का शव पहुंचते ही सास समेत अन्य महिलाएं बिलख उठीं। इसके बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने कानपुर ड्योढ़ी घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।
फोटो-22-रोती बिलखती रंजना की बहन संजना। संवाद