फतेहपुर। महिला की दहेज के लिए हत्या कर शव फंदे से लटकाने के मामले में कोर्ट ने बृहस्पतिवार को पति, सास और ससुर को दोषी करार दिया। एडीजे/एफटीसी कोर्ट संख्या द्वितीय के न्यायाधीश अजय सिंह प्रथम ने तीनों को 10 वर्ष के कारावास की सजा व प्रत्येक को सात-सात हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
धाता थाना क्षेत्र के कस्बा निवासी रामखेलावन की पुत्री चमेलिया की शादी 2016 में किशुनपुर गांव निवासी दिनेश के साथ हुई थी। शादी के बाद 28 मार्च 2019 को चमेलिया का शव ससुराल में रस्सी के फंदे से लटका मिला था। चमेलिया की मां ननकी देवी ने एक मई 2019 को बेटी के पति दिनेश, ससुर रामतीरथ, सास बुधिया देवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
ननकी का आरोप है कि शादी के बाद दहेज में बाइक, भैंस और 50 हजार रुपये नकदी की मांग को लेकर ससुराली पुत्री को प्रताड़ित करने लगे। घर से 10 से 15 दिन पूर्व दहेज की मांग को लेकर पुत्री को चूल्हे की जलती लकड़ी से पीटा। इससे चमेलिया झुलस गई थी। शरीर पर फफोले पड़ गए थे। ससुरालियों को काफी समझाया था।
इसके बाद दहेज की मांग पूरी न होने पर बेटी की ससुरालियों ने हत्या कर शव फंदे से लटका दिया था। कोर्ट ने बृहस्पतिवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई की। कोर्ट ने पति, ससुर और सास को दोषी करार देकर कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।