फतेहपुर। दहेज के लिए पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में कोर्ट ने सोमवार को पति राकेश सिंह को दोषी करार दिया। ईसीएक्ट कोर्ट के न्यायाधीश हरि प्रकाश गुप्ता ने पति को पांच वर्ष की कैद और नौ हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मुकदमे के वादी औंग थाना क्षेत्र के गांव निवासी रामऔतार सिंह के मुताबिक पुत्री मालती की शादी वर्ष 1999 में थाना क्षेत्र के रहसुपुर गांव निवासी मदन सिंह के पुत्र राकेश सिंह के साथ हुई थी। शादी के बाद पति राकेश सिंह, देवर सुरेश सिंह, बउआ मानसिंह, चंदन सिंह और सास ने सोने की चेन व 50 हजार रुपये की मांग की। मांग पूरी नहीं होने पर पुत्री को प्रताड़ित किया जाने लगा।
वर्ष 2011 में उसे पीटकर घर से निकाल दिया गया था। कुछ दिन बाद ससुराल वाले उसे वापस ले गए थे। आरोप है कि तीन जुलाई 2011 को ससुरालियों ने पुत्री को जहर खिला दिया। इससे अगले दिन उसकी मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद राकेश सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। सोमवार को अंतिम सुनवाई के दौरान छह गवाहों के बयान सुनने के बाद कोर्ट ने पति को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।