औंग। पत्नी की मौत के गम में छह माह बाद मजदूर पति ने मंगलवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना पर पुलिस पहुंची। पुलिस ने पेड़ पर लटक रहे शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम कराने के लिए भेजा।
थाना क्षेत्र के बनियनखेड़ा गांव निवासी बिहारी पासवान (60) गांव किनारे झोपड़ी बनाकर रहता था। पुत्र जयसिंह ने बताया कि मंगलवार की सुबह परिवार के लोग खेत में मजदूरी करने गए थे। वह दोपहर 11 बजे किसी काम से झोपड़ी पहुंचा, तभी पिता का शव झोपड़ी के पास साड़ी के फंदे से आम पेड़ पर लटकता देखा। जय सिंह ने बताया कि पड़ोसी चाचा सुरेश 28 जुलाई 2019 की रात चाची को किसी बात पर पीट रहे थे। तभी उसकी मां सीता बीच-बचाव को पहुंची थी। चाचा ने उसकी मां सीता पर भी लाठी से हमला कर घायल कर दिया था। कानपुर के हैलट अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मां की तीन अगस्त को मौत हो गई थी। तभी से पिता बिहारी अवसाद में रहते थे। वह अक्सर शराब पीकर पड़े रहते थे। मां की साड़ी को झोपड़ी में छुपा कर रखे थे। उसी फंदे से फांसी लगाकर आत्महत्या की है। बिहारी के चार बेटे जितेंद्र ,जयसिंह, अवधेश, छोटू और एक नौ साल की बेटी पूजा है। थानेदार एनके नागर ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।