मानसून सिर पर लेकिन नहीं मिली शासन से आपूर्ति - मलेरिया विभाग ने शासन को भेजी है 5 एमटी की रिमांड संवाद न्यूज़ एजेंसी फतेहपुर। अमूमन मानसून 15 जून को आ जाता है। हाल ही के कुछ दिन में मानसून ने इसका अहसास भी कराया है। ऐसे में कोरोना संक्रमण के खतरे से दहशतजदा लोग मच्छरों से फैलने वाली बीमारी को लेकर शांत हो गए हैं। जहां तक सवाल मलेरिया विभाग का है तो उसे अभी तक डीडीटी नहीं मिलेगा। अगर जल्द इसकी उपलब्धता नहीं होती है तो फिर आपदा की इस घड़ी में विभाग की मलेरिया से जंग कुंद पड़ जाएगी। जिले की 29 लाख की आबादी हर बरसात मच्छरों का प्रकोप झेलती चली आ रही है । मच्छर जनित बीमारियों से गांव के गांव बेहाल हो जाते हैं। इधर कुछ सालों से प्रभावित गांवों की तादाद बढ़ती जा रही है। अब जबकि मानसून दस्तक दे रहा है और मलेरिया विभाग के पास मच्छर भगाने वाला डीडीटी नहीं है। ऐसे में मच्छरों की फौज से लोगों को खुद से जुड़ना होगा। ऐसा इसलिए है कि क्योंकि लाक डाउन लगने की वजह से जिला मलेरिया विभाग को डीडीटी उपलब्ध नहीं हो पाई। जिससे मलेरिया विभाग की तरफ से मच्छरों के लारवा मारने की शुरुआत नहीं हो सकी है। जिला मलेरिया अधिकारी डां. आनंद कुमार का कहना है कि अनलॉक वन शुरू होने के बाद डीडीटी उपलब्ध होने की उम्मीद जगी है। इस बार भी देवमई और गोपालगंज पीएचसी अंतर्गत रहने वाली चालीस हजार की आबादी पर फोकस रहेगा। डीडीटी के छिड़काव की विभाग ने रूपरेखा तय की है। उन्होंने खुलासा किया कि पिछले साल चार एमटी डीडीटी की खपत हुई थी। इस बार एक एमटी बढ़ाकर मांग पत्र भेजा गया है।