फतेहपुर। असोथर पीएचसी में जगह-जगह गंदगी फैली हुई है और परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। वहीं मरीजों को प्यास बुझाने के लिए पानी की भी व्यवस्था नहीं है। पीने का पानी लेने के लिए पीएचसी से बाहर जाना पड़ता है।
गांव से लेकर जिला मुख्यालय तक अधिकारी, कर्मचारी स्वच्छता अभियान चलाते हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें कस्बा और गांवों में जाकर गंदगी से फैलने वाली बीमारियों की संख्या गिनाते हैं, लेकिन असोथर कस्बा की पीएचसी में फैली गंदगी न तो चिकित्सकों को दिखती है और न ही अन्य किसी अधिकारियों को।
धूम्रपान के बाद दीवारों पर थूकने से फैली गंदगी पीएचसी में प्रवेश करते ही दिखाई दे जाती है। परिसर में जगह-जगह कूड़े ढेर लगे हैं। वहीं तीमारदार और मरीजों के लिए बनाए गए शौचालय में कबाड़ रख दिया गया है।
ऐसे में इलाज कराने आने वाले लोगों को परिसर से बाहर जाना पड़ता है। शौचालय की व्यवस्था न होने के कारण सबसे ज्यादा बीमार महिलाओं को दिक्कत उठानी पड़ती है। बीमारी की हालत में अगर महिलाओं को शौंच व पेशाब के लिए जाना पड़ा तो काफी परेशानी हो जाती है।
तीमरदार शकुंतला, देवेश और निखिल आदि का कहना है कि कभी कभी तो नाक में कपड़ा तक रखना पड़ जाता है। चिकित्सकों का कहना है कि पीएचसी में खाली जगह न होने के कारण कुछ कबाड़ रखा दिया गया था, लेकिन अब उसे जल्द ही हटाया जाएगा।