सदर अस्पताल में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए स्वतंत्र फीडर होने के बाद बिजली का बुरा हाल है। हाल ही मेें शासन स्तर पर दखल के बाद कुछेक दिन 24 घंटे आपूर्ति शुरू हुई थी। फिर से व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। बिजली न रहने से मेडिकल स्टाफ के साथ भर्ती मरीज बेहाल हैं। साथ ही सेवाएं भी प्रभावित हैं।
86 लाख रुपये की इस स्वतंत्र लाइन को विद्युत विभाग लगातार झटका देने का काम कर रहा है। जिले के बड़े अस्पताल मेें 24 घंटे विद्युत आपूर्ति मुहैया कराने के लिए करीब दो साल से वजूद में इस सुविधा का लाभ अब तक न के बराबर ही मिल सका है। अभी हाल में ही मामला स्वास्थ्य मंत्री तक पहुंचने के बाद कुछेक दिन तो सदर अस्पताल को निर्बाध बिजली मिली। उसके बाद फिर से बिजली आंखमिचौली का खेल करने लगी। सोमवार की सुबह साढ़े आठ बजे के करीब सदर अस्पताल में बिजली न होने से मरीज उबल पड़े। उमस भरी गर्मी से राहत के लिए महिला वार्ड में तीमारदारों को हाथ के पंखा से मरीजों को हवा करते देखा गया। कमोबेश यही हाल दोपहर दो बजे के बाद नजर आए। एक्सरे के लिए आए जरूरतमंद बत्ती के इंतजार में बिठा दिए गए। कमोबेश बिजली की नदारदगी का असर ओटी जैसी यूनिटों में भी देखा गया। सीएमएस डॉ. एके मिश्र कहते हैं कि बिजली न रहने पर पांच घंटे के आसपास जनरेटर चलाया जा सकता है। शासन से शिकायत के बाद व्यवस्था में सुधार आया था। उन्होंने बताया कि संबंधित विभाग को मौखिक व लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है।