हसवा के रानी तालाब में बालीबाल में बालीबाल खेलते युवक
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हसवा। कस्बा स्थित रानी तालाब में उड़ रही धूल का स्थायी निदान होगा। यह तालाब केवल बारिश में भरता है, लेकिन अब हसवा रजबहा से रानी तालाब तक नाला बनाकर उसे पूरे साल पानी से भरा रखा जाएगा।
कस्बे का रानी तालाब क्षेत्र वासियों के लिए पर्यटन का हिस्सा है। यहां पर आस पास के गांवों के लोग आकर बैठते हैं। यहां जैसी सुंदरता जनपद के किसी तालाब की नही है। रानी तालाब में पानी की कमी पूरा साल रहती है।
बारिश के मौसम में ही तालाब पानी से भरा रहता है। इसके बाद तालाब से धूल उड़ती रहती है। अब इस तालाब के दिन बहुरने वाले हैं, इसे पूरे साल पानी से भरा रखने के लिए क्षेत्र पंचायत हसवा रजबहा से रानी तालाब तक नाले का निर्माण कराएगा।
सोमवार को जेई आरईएस अजय सिंह व ब्लाक प्रमुख अक्षय लोधी ने इस काम का स्थलीय निरीक्षण किया। इसके साथ ही ठेकेदार फुरकान को आवश्यक निर्देश दिए। नहर से तालाब तक की दूरी पांच सौ मीटर है। फिलहाल 9 लाख 67 हजार से दो फिट चौड़े नाले का निर्माण 300 मीटर तक होगा।
सन 1911 रानी गोमती कुंवर पुत्री बाबू राम गुलाम केसरवानी निवासी हसवा ने इसे बनवाया था। इनकी शादी शादी फूलपुर स्टेट में हुई थी। तालाब में महिलाओं का स्नानागार है।
इसकी विशेषता है कि नहाते समय कोई देख नही सकता है। तालाब परिसर में एक कटोरा बना है, जिसमें लोग भांग पीसते थे। परिसर में खेलने के लिए 18 गोट्टी बना है। तालाब के चारो तरफ नालियां हैं। इसका क्षेत्रफल 9.5 बीघे का है।
स्थलीय निरीक्षण करते हसवा ब्लाक प्रमुख अक्षय लोधी- फोटो : FATEHPUR