गुरु तेग बहादुर का 340 वां बलिदान दिवस जिले में श्रद्धा से मनाया गया । स्धानीय गुरुद्वारे मे सिख संगत ने शबद- कीर्तन किय और लंगर में कड़ाह प्रसाद छका। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक राजीव मल्होत्रा ने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए गुरु तेगबहादुर के बलिदान को याद किया।
बुधवार को गुरु तेग बहादुर के बलिदान दिवस पर गुरुद्वारे में सुबह से ही शबद- कीर्तन के स्वर गूंजने लगे। सिख समाज के साथ अन्य धर्मों के लोगों ने गुरुद्वारे में पहुंच कर गुरु ग्रंथ साहिब को माथा टेका। ज्ञानी गुरुवचन सिंह व संतोष सिंह बग्गा ने बताया गुरु तेगबहादुर ने देश और हिंदू धर्म की रक्षा के लिए अपनी कुर्बांनी दी।
पपिंदर सिंह ओर लाभ सिंह ने बताया गुरु साहिब ने अपनी कुर्बानी देकर हिंदू धर्म को नष्ट होने से बचाया था। 11 नवंबर 1675 को दिल्ली के चांदनी चौक में अपने शीश कटा कर गुरु तेग बहादुर ने कु र्बानी की मिसाल कायम की। उनके साथ उनके तीन प्यारे मतीदास, सतीदास व दयाला ने भी कुर्बानी देकर इतिहास में अपना नाम अमर कर दिया
कार्यक्रम में राजिंदर सिंह, दर्शन, कुलवंत सिंह, दर्शन सिंह बग्गा, हरजीज कौर, हरविंदर कौर, जगजीत कौर, ईसर कौर, मनजीत कौर, ज्योति कौर और गुरुचरन कौर आदि मौजूद रहे।