बवाल काटने वाले हिंदू वाहिनी नेताआें को दफ्तर में बंद कर प्रदर्शन करते कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी।
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सिंचाई विभाग के दफ्तर में निरीक्षण करने पहुंचे हिंदू वाहिनी संगठन के नेताओं-कार्यकर्ताओं को कर्मचारियों ने बंधक बना लिया। उन्हें कमरे में बंद करने के बाद बाहर से ताला लगाकर कर्मचारी हंगामा करने लगे। बाहर हिंदू वाहिनी समर्थकों का जमावड़ा बढ़ने लगा। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने 10 नेताओं-कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इसके बाद कर्मचारी काम पर लौटे। दूसरी ओर कोतवाली में पूरे दिन हंगामा रहा।
यह वाकया सुबह 10:15 बजे का है। नहर कालोनी में सिंचाई खंड, ड्रेनेज खंड, निचली गंगा नहर खंड, रामगंगा नहर खंड, नलकूप खंड के दफ्तर संचालित होते हैं। कैंपस में 10 लोग खुद को हिंदू युवा वाहिनी का कार्यकर्ता बताते हुए दाखिल हुए। पहुंचते ही यह कहकर सरकारी कामकाज में दखल देने लगे कि उन्हें सीएम योगी ने दफ्तर चेक करने का पॉवर दे रखा है। इसके बाद यह एक-एक दफ्तर में पहुंचकर हाजिरी रजिस्टर मांग कर उपस्थिति दर्ज करने लगे। कर्मचारियों का आरोप है कि इस दौरान यह लोग गालीगलौज भी कर रहे थे और शिकायत करने पर देख लेने की धमकी दे रहे थे। इस बात की भनक यूपी मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के अध्यक्ष कृतार्थ सिंह व जललेखा सहायक संघ के अध्यक्ष अनुपम अवस्थी सहित अन्य कर्मचारी संगठन के नेताओं को लगी तो वह लामबंद होकर मौके पर पहुंच गए।
उस दौरान हिंदू वाहिनी के लोग निचली गंगा नहर के दफ्तर का हाजिरी रजिस्टर चेक रहे थे। इन सभी को इस दफ्तर में बंद कर बाहर से ताला लगा दिया गया। पुलिस को सूचना दी गई। कोतवाल सच्चिदानंद त्रिपाठी व एसडीएम अभिनव रंजन फोर्स के साथ पहुंचे। एसडीएम को देखकर कर्मचारी संगठन के नेताओं ने सरकारी कामकाज में अनाधिकृत दखल देने का आरोप लगाते हुए हो-हल्ला शुरू कर दिया। करीब डेढ़ घंठे तक कैंपस में अफरातफरी व नोकझोंक का माहौल रहा। कोतवाल ने हिंदू वाहिनी बताकर निरीक्षण कर रहे 10 लोगों को हिरासत में ले लिया। एसडीएम के दोबारा ऐसा न होने के आश्वासन पर शांत हुआ।