फतेहपुर। जिला मुख्यालय को जोड़ने वाले कानपुर-प्रयागराज व बांदा-टांडा हाईवे का जाम वाहन चालकों व राहगीरों के लिए मुसीबत बन गया है। शुक्रवार को कानपुर-प्रयागराज हाईवे करीब 11 घंटे जाम रहा। वहीं बांदा मार्ग पर छह घंटे जाम से वाहन चालक जूझते नजर आए। लंबी लाइनें लगी रहीं। कानपुर रूट में जाने वाली रोडवेज बसें शहर के जयरामनगर से जोनिहां, बिंदकी मार्ग होकर निकलीं।
कानपुर-प्रयागराज हाईवे के चौड़ीकरण व उसमें बनाए जा रहे अंडरपास पुल जाम की वजह बने हैं। कार्यदायी संस्था ने हाईवे में हर पांच से छह किमी के बीच में हाईवे पर वन वे कर दिया है। शहर के पूर्वी, पश्चिमी बाईपास के अलावा लखनऊ रोड में अंडरपास पुल का निर्माण कराया जा रहा है। यहां पर एनएचएआई की कार्यदायी संस्था ने हाईवे के एक लेन को बंद कर दिया है। एक ही लेन से वाहनों का आवागमन होता है। वहीं शहर के नउवाबाग बाईपास पर बांदा रूट के भी वाहन हाईवे में आते हैं। इसके अलावा बिलंदा, थरियांव, महिंचा मंदिर, खागा, मुरादीपुर, नउवाबाग, चौडगरा में अंडरपास पुल बनाए जा रहे हैं। यहां पर हाईवे की एक लेन से वाहन निकल रहे हैं। दोनों ओर से एक साथ वाहनों के आने पर जाम लग जाता है। थोड़ी ही देर में वाहनों की कतार लग जाती है। ज्वालागंज रोडवेज बस अड्डे से जाने वाली रोडवेज बसों को चालक शहर के अंदर होकर जयरामनगर से बिंदकी मार्ग से कानपुर ले गए। शुक्रवार को सुबह 10 बजे के बाद ही बाईपास में जाम लग गया। शाम को हाईवे में करीब 25 किमी. लंबी लाइन लग गई। पुलिस ने देर शाम हाईवे में खड़े वाहनों को एक लाइन से कराया। तब जाम हटा और वाहनों का आवागमन शुरू हुआ।
वहीं बांदा-टांडा हाईवे में नउवाबाग से राधानगर की गड्ढायुक्त सड़क जाम की वजह बनी हुई है। सुबह नई तहसील और जिला कारागार के बीच में एक ट्रक खराब हो गया। इससे वाहनों का जाम लग गया। बांदा रूट की रोडवेज बसें जाम में फंसी रही। कई बसें गाजीपुर मार्ग से होकर बहुआ पहुंची। छह घंटे बाद जाम हटा तो वाहनों का आवागमन शुरू हुआ और राहगीरों को राहत मिली।