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Fatehpur News: महंगे फूलों से बढ़ी दूरी, सहालग में आर्टिफिशियल डेकोरेशन की बढ़ी मांग

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फोटो-05- चौक बाजार में रखे आर्टिफिशियल फूलों की लड़ियां। संवाद - फोटो : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23 वीं किश्त जारी होने के दौरान मौजूद अफसर ​एवं किसान। स्रोत विभाग
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फतेहपुर। मौसम और महंगाई का असर इस बार सहालग की सजावट पर भी साफ दिखाई दे रहा है। फूलों के बढ़ते दामों के कारण लोग घर, मंडप, स्टेज और कार सजाने के लिए आर्टिफिशियल फूलों को प्राथमिकता दे रहे हैं। बढ़ती मांग को देखते हुए बाजार में दुकानदारों ने भी विभिन्न डिजाइनों के कृत्रिम फूलों और सजावटी सामग्री का पर्याप्त स्टॉक मंगवा लिया है।
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सहालग का दौर शुरू होते ही फूलों की कीमतों में तेजी आ गई है। घरों की सजावट के लिए अब गेंदे की मालाओं की जगह प्लास्टिक से बनी रंग-बिरंगी लड़ियां इस्तेमाल की जा रही हैं। स्टेज, मंडप और कार की सजावट में भी आर्टिफिशियल फूलों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। इससे ओरिजिनल फूलों की महक और आकर्षण लोगों की पहुंच से दूर होता जा रहा है।
द्वार पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों को छोड़कर अधिकांश आयोजनों में लोग कृत्रिम फूलों का सहारा ले रहे हैं। इसकी मुख्य वजह ताजे फूलों की बढ़ी हुई कीमतें हैं। बाजार में गेंदा 80 से 100 रुपये प्रति किलो, हाइब्रिड गुलाब 20 से 25 रुपये प्रति पीस, देसी गुलाब 120 से 150 रुपये प्रति किलो और रजनीगंधा 250 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। ऐसे में केवल दरवाजे की सजावट पर ही एक से डेढ़ हजार रुपये तक का खर्च आ जाता है।
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चौक बाजार में सजावटी सामग्री के कारोबारी आशीष गुप्ता ने बताया कि फ्लावर डेकोरेटर के साथ-साथ आम लोग भी घरों की सजावट के लिए प्लास्टिक के फूल खरीद रहे हैं। आर्टिफिशियल फूलों की लड़ियां 20 से 25 रुपये में मिल जाती हैं। अन्य सजावटी फूल अलग-अलग डिजाइन और आकार के अनुसार बिकते हैं।
फ्लावर डेकोरेटर राम नरेश ने बताया कि मौसम और महंगाई के कारण फूलों के दाम काफी बढ़ गए हैं। इससे आर्टिफिशियल फूलों का चलन तेजी से बढ़ा है। स्टेज और मंडप की सजावट में अधिकांश लोग कृत्रिम फूलों को ही पसंद कर रहे हैं।

फोटो-05- चौक बाजार में रखे आर्टिफिशियल फूलों की लड़ियां। संवाद- फोटो : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23 वीं किश्त जारी होने के दौरान मौजूद अफसर एवं किसान। स्रोत विभाग

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