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सीएचसी में साढ़े तीन घंटे तड़पे घायल बुजुर्ग की मौत

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फतेहपुर। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और पुलिस की हीलाहवाली उजागर हुई है। बिंदकी सीएचसी में एक वृद्ध सड़क हादसे के बाद करीब साढ़े तीन घंटे तड़पता रहा। उसे बाद में जिला अस्पताल भेजा गया, लेकिन वहां पहुंचते ही मौत हो गई। घायल के साथ कोई नहीं था, इस वजह से उसका यह हाल हुआ। उसे सही समय पर इलाज मिला होता तो शायद उसकी जान बच जाती।
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बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के जाफराबाद मोड़ पर 60 साल के बुजुर्ग को गुरुवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे बाइक सवारों ने टक्कर मार दी थी। हादसे में घायल बुजुर्ग को बाइक सवार सीएचसी में भर्ती कराने पहुंचे थे। सीएचसी में बुजुर्ग की हालत गंभीर देखकर रेफर करने की सलाह दी। इसी दौरान बाइक सवार गुपचुत तरीके से भाग निकले। उनके जाने के बाद सीएचसी में प्रारंभिक इलाज हुआ। सीएचसी का स्टाफ बाइक सवारों के आने का इंतजार करता रहा। एक घंटे बीतने के बाद करीब साढ़े चार बजे एंबुलेंस बुलाई। सीएचसी में एंबुलेंस करीब पौन घंटे बाद पहुंची।
एंबुलेंस कर्मियों ने बुजुर्ग की हालत नाजुक देखकर तीमारदार की मांग की। सीएचसी ने कोतवाली पुलिस को मेमो भेजकर जिला अस्पताल बुजुर्ग को पहुंचाने के लिए गार्ड मांगा। पुलिस ने पहले गार्ड न होने की बात कहकर टरका दिया। उधर, एंबुलेंस सीएचसी में खड़ी रही। दोबारा पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस शाम साढ़े सात बजे पहुंची।
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घायल बुजुर्ग को रात के साढ़े आठ बजे जिला अस्पताल लाया गया। यहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इन साढ़े तीन घंटों में बुजुर्ग को बेहतर इलाज मिला होता तो शायद उसकी जान बच जाती। उसकी पहचान को शुक्रवार को सीएचसी के ईएमओ डाक्टर नीरज गुप्ता ने बताया कि पुलिस को सूचना देकर बुलाया गया था। पुलिस के न आने की वजह से घायल की इलाज दौरान सांसे थमी है। उधर, कोतवाल नंदलाल सिंह ने बताया कि सूचना आते ही गार्ड को भेजा गया था।
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