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एंबुलेंस न मिलने से हुई देर, बच्ची की मौत

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फतेहपुर/हसवा। एंबुलेंस चालकों की हड़ताल मरीजों पर भारी पड़ी। समय से एंबुलेंस न मिलने पर मरीजों को अस्पताल पहुंचने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। वहीं, बुधवार को एंबुलेंस न मिलने से एक बच्ची की मौत हो गई। धनाजीपुर गांव के रहने वाले मूलचंद लोधी की बेटी सीमा (6) प्राथमिक स्कूल धनाजीपुर में कक्षा दो छात्रा थी। मंगलवार की रात सीमा को बुखार आया। पिता मूलचंद ने एंबुलेंस को फोन किया लेकिन एंबुलेंस नहीं मिली। परिजनों ने किसी तरह बाइक से सदर अस्पताल पहुंचाकर इलाज कराया लेकिन बच्ची की एक घंटे के अंदर मौत हो गई। पिता मूलचंद लोधी का कहना है कि बेटी को हल्का बुखार था। रात में अचानक बेहोश होकर गिर गई थी। गांव के आसपास कोई अस्पताल न होने से बेटी को रात में किसी तरह अस्पताल पहुंचाया था। डाक्टरों का कहना था कि यदि अस्पताल समय से आ जाती तो जान बच सकती थी। प्रधानाध्यापक अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि मंगलवार को स्कूल आई थी। बच्ची के निधन पर विद्यालय परिवार ने शोक व्यक्त किया।
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वहीं, एंबुलेंस चालकों की हड़ताल से बुधवार को तीसरे दिन भी लोग परेशान रहे। कोई बाइक तो कोई ई-रिक्शा व वाहन बुक कर अस्पताल पहुंचा। असोथर क्षेत्र में तो एक व्यक्ति ने पड़ोस से बाइक मांगी फिर गर्भवती पत्नी को अस्पताल पहुंचाया। बहुआ प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे के रहने वाले इशहाक सिद्दीकी की बेटी साजिया को अचानक में पेट में तेज दर्द होने लगा। पहले परिजनों ने एंबुलेंस की व्यवस्था का प्रयास किया लेकिन नहीं मिली। प्राइवेट वाहन में बैठाकर मरीज को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बहुआ ले गए। डॉक्टरों ने सदर अस्पताल रेफर किया। इसके बाद भाई इमरोज व मां बेटी साजिया को सदर अस्पताल लेकर आए। इसी प्रकार सुजानपुर के रहने वाले राजेश कुमार की गर्भवती पत्नी पूजा देवी को अचानक प्रसव पीड़ा होने लगी। एंबुलेंस की व्यवस्था न मिलने पर पति आशा के साथ पत्नी को ई-रिक्शा में बैठाकर बहुआ स्वास्थ्य केंद्र लाए। खागा प्रतिनिधि के अनुसार एंबुलेंस चालकों की हड़ताल से मरीजों की मुसीबतें बढ़ी हुई हैं। गर्भवती और प्रसूता महिलाओं को बाइक, ई-रिक्शे से लेकर अस्पताल पहुंचे। दिन भर में आधा दर्जन गर्भवती महिलाएं निजी साधनों से आई। जिनमें से एक को रेफर किया गया। नरौली के सुरेंद्र ने बताया कि अपनी पत्नी शकुंतला को प्रसव के कराने के लिए बाइक से लाना पड़ा। वहीं रमढेरवा के सुनील की पत्नी कोमल ई रिक्शा से आई। कटोंघन के नागेंद्र की ममता किराए के वाहन से सीएचसी पहुंची। इसी प्रकार ईटगांव के जयकरन की पत्नी श्रीमती देवी किराए के वाहन से आई। नंदनपुरवा की निर्मला देवी अपने पति के साथ टेंपो से आई। इसे रेफ र कर दिया गया। असोथर प्रतिनिधि के अनुसार असोथर मजरे कठौता निवासी कालका प्रसाद की गर्भवती पत्नी संगीता देवी को एंबुलेंस ना होने पर अस्पताल पहुंचाने में बड़ी दिक्कत हुई। कालका किसी तरह पड़ोस की मोटरसाइकिल लाए फिर पत्नी को बैठाकर असोथर अस्पताल पहुंचे।
वहीं, शासन और जीवीके कंपनी की ओर से मांगें पूरी होने के बाद 108, 102 और एएलएस एंबुलेंस चालकों ने हड़ताल समाप्त कर दी है। हालांकि दोपहर तक चालक हड़ताल पर रहे लेकिन शाम को जैसे ही प्रदेश संगठन की ओर से दिशा निर्देश मिला तो जिले के एंबुलेंस चालकों ने सेवा शुरू कर दी।
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