मंगलामुखियों के झगड़े में टूटी पड़ी अपाचे बाइक।
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तहसील बिंदकी में मंगलामुखियों के बीच चल रही वर्चस्व की जंग थम नहीं रही है। इसी कड़ी में रविवार को खजुहा में मंगलामुखी के दो गुटों में जमकर मारपीट हुई, जिसमें कई मंगलामुखियों को चोट लगी है। वहीं कोतवाल ने रिपोर्ट दर्ज कर चुटहिल मंगलामुखियों को मेडिकल परीक्षण के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिंदकी भेजा है। बता दें कि इसके पहले भी मंगलामुखियों ने कोतवाली में बवाल काटकर बिंदकी के एक मंगलामुखी की जमकर पिटाई की थी।
रविवार को खजुहा कस्बे में बिंदकी की मंगलामुखी रेखा और फतेहपुर के इकबाल गुट के मंगलामुखी शानिया बानो तथा खुशी बाई के बीच जमकर मारपीट हुई। मंगलामुखियों को आपस में लड़ते व मारपीट करते देख तमाशबीनों की भीड़ एकत्र हो गई। दोनों के बीच हुए झगड़े के दौरान अपाचे बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। झगड़े के बाद दोनों गुट के लोग फरार हो गए।
बिंदकी के रेखा का कहना है कि वह बिंदकी तहसील क्षेत्र में कई दशकों से अपने साथियों के साथ बधाइयां देने का काम कर रही हैं। इस क्षेत्र में फतेहपुर की मंगलामुखी इकबाल अपना कब्जा करना चाहते हैं। उन्होंने इसके लिए अपने कई शिष्यों को बिंदकी क्षेत्र में छोड़ रखा है। इसके चलते वह व उनके साथी भुखमरी की कगार में आ गए हैं।
आरोप लगाया कि 31 मई को फतेहपुर के आधा सैकड़ा से अधिक लोगाें को लेकर इकबाल बिंदकी कोतवाली में आ धमके और यहां पुलिस फोर्स के साथ उसको घर से पकड़ लाए। यही नहीं उन्होंने कोतवाली में हमला बोल दिया और अधिकारियों की मौजूदगी में उसे मारने-पीटने लगे। तब सीओ आरके वर्मा, कोतवाल राजेश सिंह अन्य पुलिस कर्मियों ने उसे बचाया, लेकिन पुलिस ने बाहरी मंगलामुखियों के दबाव में आकर एक तरफा कार्रवाई शांतिभंग करने के आरोप में उसे गिरफ्तार कर लिया था।
उधर मारपीट में घायल हुए इकबाल गुट के मंगलामुखी शानिया बानो तथा खुशी बाई का कहना है कि रेखा मंगलामुखी नहीं है। पूरे जिले की गद्दी के मालिक उनके गुरु इकबाल हैं, जिनके आदेश पर वह बिंदकी क्षेत्र में बधाइयां देने आते हैं तो बिंदकी का कथित मंगलामुखी उनके ऊपर हमला कर धमकी देता है। कोतवाल ने बताया कि घायल मंगलामुखियों की तहरीर पर रेखा व अवधेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर घायलों को मेडिकल परीक्षण के लिए सीएचसी बिंदकी भेजा गया है।