घटते भू जल स्तर से जिले के कई इलाकों में पानी का जबरदस्त संकट पैदा हो सकता है। अमौली विकास खंड के गांव आजमपुर गढ़वा में आयोजित कृषक गोष्ठी में मुख्य अतिथि सीडीओ भवानी सिंह ने कहा कि जिले के कई विकास खंड डार्क जोन क्रिटिकल श्रेणी में होने की वजह से पानी का संकट पैदा हो सकता है।
ऐसी स्थिति में आम नागरिकों, शासन, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों को जल संरक्षण व भूगर्भ जल को सामान्य बनाए रखने की आवश्यकता है।
गुरुवार को गांव आजमपुर गढ़वा में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परशुराम उमराव महाविद्यालय में जलवायु परिवर्तन पर वृहद कृषक जागरूकता गोष्ठी का अयोजन ग्राम प्रधान भुवन भास्कर द्विवेदी ने किया।
इसमें चंद्रशेखर कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर एवं केंद्रीय बरानी कृषि अनुसंधान हैदराबाद के सहयोग से कृषक जागरूकता दिवस में आए डा. अनिरुद्ध दुबे ने जलवायु परिवर्तन की चर्चा करते हुए जानकारी दी।
डा. वाइके सिंह ने खरपतवार को नष्ट करने, डा नौशाद खान ने कृषि उत्पादन बढ़ाने, डा. पीके उपाध्याय ने दुग्ध उत्पादक, डा. जीसी कटियार ने कृषि यंत्रों की उपलब्धता की जानकारी दी।
इस मौके पर प्रधान भुवन भास्कर द्विवेदी ने वैज्ञानिकों को अंग वस्त्र व प्रतीक चिन्ह से सम्मानित किया। यहां खंड विकास अधिकारी ज्ञान सिंह परिहार, पूर्व प्रधानाचार्य लववीर सचान, प्रबंधक रामकिशोर वर्मा, रमाकांत त्रिपाठी, मैथलीशरण, प्रगतिशील कृषक लोकनाथ पांडेय ने विचार रखे।