फोटो-44-दंगल में दांव पेच आजमाते पहलवान। संवाद
खखरेरू। कोट गांव में हलछठ पर्व पर बुधवार को परंपरागत मेला और दंगल आयोजित हुआ। मेले में हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। दंगल में प्रयागराज के गोला पहलवान ने जितेंद्र को चित कर अंतिम इनामी कुश्ती अपने नाम की।
कोट गांव के मजरा चंदनमऊ और मकसूदनपुर की महिलाओं ने करीब दो दशक पुरानी पूर्वजों की परंपरा को आज भी कायम रखा है। हलछठ पर महिलाओं ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार मिट्टी और चीनी के कुल्हड़ों में चना व ज्वार भरकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
पूजा के बाद मेले में ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी। मेले का मुख्य आकर्षण विशाल दंगल रहा। दिल्ली, कानपुर, फिरोजाबाद, प्रयागराज और कौशांबी समेत कई जिलों से पहुंचे पहलवानों ने अखाड़े में दांवपेच दिखाए। कोट गांव के उभरते पहलवान फरहान खान ने कौशाम्बी के पहलवान मनोज सिंह को पटखनी देकर मुकाबला जीत लिया।
दंगल की अंतिम और सबसे बड़ी इनामी कुश्ती दिल्ली के जितेंद्र पहलवान और प्रयागराज के गोला पहलवान के बीच हुई। दोनों के बीच काफी देर तक रोमांचक मुकाबला चला। अंत में गोला पहलवान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जितेंद्र को चित कर जीत दर्ज की। इस अवसर पर मेला कमेटी के अध्यक्ष मतीन खान समेत क्षेत्र के लोग मौजूद रहे।
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