फतेहपुर। अनलॉक-1 में परिवहन निगम को घाटा देने वाली 12 बसों को बंद कर दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्र के पांच रूटों की बसों को मरम्मत की वजह से वर्कशाप में भेजा गया है। इन मार्गाें पर दूसरी बसें चलाई जाएंगी। इन बसों को एक से 30 जुलाई तक बंद कराने के आदेश जारी किए गए हैं।
लॉकडाउन के बाद एक जून से रोडवेज की 90 बसों का संचालन शुरू हुआ था। गैर जिले के मार्गों पर 55 और स्थानीय मार्गों पर 35 बसों को चलाया गया था। इन बसों में 50 प्रतिशत यात्रियों को बैठाने के निर्देश थे। कोरोना संक्रमण के भय से अनलॉक-1 में यात्रियों का ज्यादा आवागमन नहीं हुआ। ऐसे में डिपो को बसों के संचालन में रोज तीन से चार लाख रुपये का घाटा हुआ। एक महीने के अंतराल में ज्यादा घाटा देने वाली 12 बसें खड़ी करा दी गई हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में चल रहीं पांच बसों को माइलेज खराब होने से मरम्मत के लिए वर्कशाप भेजा गया है। इनकी जगह अन्य मार्गों की बंद होने वाली बसों को लगाया जाएगा। ऐसे में डिपो से अब 78 बसों का संचालन होगा।
एआरएम एमएल केशरवानी ने बताया कि कानपुर-प्रयागराज रूट पर सात बसें और बांदा-लखनऊ रूट की पांच बसों को बंद किया गया है। ग्रामीण मार्ग के मिस्सी, हथगाम, मंडवा, गौंती, गहुरे जाने वाली बसें मरम्मत के लिए वर्कशाप में खड़ी कराई गई हैं। इनकी जगह दूसरी बसों को लगाया गया है।