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Fatehpur News: दस घंटे में 16 सेमी बढ़ा गंगा का जलस्तर, दस गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा

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औंग(फतेहपुर)। मानसून की शुरुआत के साथ ही गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर से चिंता का विषय बन गया है। बीते दस घंटे में जलस्तर में 16 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई है। इससे ब्लॉक मलवां के दर्जनों गांवों में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है।
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जिले में गंगा नदी खतरे के निशान 100.86 से 98.86 मीटर करीब 1.14 मीटर नीचे बह रही है। लगातार गंगा के बढ़ रहे जलस्तर के कारण बाढ़ के लोगों को चिंता में डाल दिया है। बिंदकी फार्म, जाड़े का पुरवा, महल्हूखेड़ा, सदनहा, कालीकुंडी, नयाखेड़ा, बड़ा खेड़ा और मदारपुर जैसे करीब 10 गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। ग्राम पंचायत अभयपुर के प्रधान रामदास निषाद ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ते ही लगभग 3000 बीघा जमीन जलमग्न हो जाती है। करेले, गोभी, धान, मिर्च और फूलों की खेती पूरी तरह नष्ट हो जाती है। इससे किसानों को बहुत नुकसान झेलना पड़ता है। बाढ़ के दौरान गांवों का आपसी संपर्क टूट जाता है, सड़कें कट जाती हैं और परिवहन बाधित हो जाता है। पशुओं के लिए चारे की कमी हो जाती है और लोगों को पीने के पानी से लेकर राहत सामग्री तक के लिए संघर्ष करना पड़ता है। महुआ घाटी टीला पर हर साल बाढ़ चौकी बनाई जाती है। खतरे की स्थिति में रेस्क्यू टीम को भी बुलाया जाता है, लेकिन ये इंतजाम अकसर देर से होते हैं। फसलें बर्बाद हो चुकी होती हैं, लोग विस्थापन के लिए मजबूर हो जाते हैं और बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन केवल आपदा के समय जागता है, लेकिन कोई दीर्घकालिक योजना नहीं बनाई जाती। हर साल की तरह इस बार भी करीब 5000 ग्रामीणों की जिंदगी खतरे में है, लेकिन अभी तक न तो बांध बनाए गए और न ही सुरक्षित निकासी मार्ग तैयार हुए हैं।
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