राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) की छत पर
फतेहपुर महोत्सव की तैयारियों को लेकर लगाया गया पैराशूट गुब्बारा
शुक्रवार को आग का गोला बन गया। इसकी चपेट में आने से चार छात्र झुलस गए।
छात्रों
को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की वजह गुब्बारे की गैस
खत्म होने के बाद उसमें बिजली के तारों का छूना माना जा रहा है। दूसरी तरफ
इतनी बड़ी घटना होेने के बाद भी जिले के आला अफसर बेखर रहे।
फतेहपुर
महोत्सव की तैयारी को लेकर आईटीआई भवन की छत के किनारे पैराशूट गुब्बारा
लगा हुआ था। गुब्बारे की गैस कम हो गई थी। ऐसे में गुब्बारे का ढांचा छत पर
ही फैल गया था।
छत के पास से ही बिजली के तार गुजरे हुए थे ।
शुक्रवार दोपहर बाद करीब दो बजे अचानक गुब्बारे से बिजली के तार छू गए।
इससे गुब्बारा आग का गोला बन गया।
इस दौरान छत पर धूप सेंक रहे
फिटर ट्रेड के छात्र सुमित कुमार पुत्र शिव सिंह, अभिषेक चौरसिया पुत्र
मुन्नू चौरसिया, रोहित पुत्र रामसिंह निवासी रेलबाजार, मैकेनिकल ट्रेड के
छात्र अरविंद पुत्र कृष्ण कुमार निवासी जयराम नगर झुलस गए। चीख पुकार सुन
आईटीआई का अन्य स्टाफ छत पर पहुंचा और झुलसे बच्चों को जिला अस्पताल
पहुंचाया।
इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी आला अफसर बेखर रहे। अपर
जिलाधिकारी केपी यादव ने घटना की जानकारी होने से इनकार किया। दूसरी तरफ
आईटीआई के प्रधानाचार्य अरुण कुमार ने कहा कि झुलसे चारों बच्चों को
अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं पैराशूट लगाने वाली कंपनी के
प्रतिनिधि नीलोफर ने उसमें छेड़छाड़ की आशंका जताई है।