विवाद को शांत कराते चौकी इंचार्ज
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अस्ती इलाके के पूर्व सभासद समशुन निशा के घर पर मंगलवार सुबह नौ बजे बवाल और पथराव हुआ। पुलिस और इलाकाई लोगों के हस्तक्षेप पर मामला शांत हो सका। दोनों पक्ष आपस में रिश्तेदार हैं, कई लोग घायल हो गए हैं। एक पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है।
आबूनगर इलाका निवासी सईद की बेटी अफसरजहां का निकाह दो साल पहले अस्ती वार्ड की पूर्व सभासद के बेटे शराफत अली के साथ हुआ था। अफसरजहां के भाई तौफीक ने बताया कि दो दिन पहले बहन घर आई थी। त्योहार का मौका होने के कारण उसे काफी कपड़े और सामान देकर विदा किया था। वह मंगलवार को ससुरालीजनों को कपड़े दिखाकर मायके की तारीफ कर रही थी। यह बात ससुराल पक्ष को खराब लगी। देवर ने अफसरजहां को पीट दिया। बहन ने मोबाइल पर मारपीट किए जाने शिकायत की। पिता सईद, भाई आरिफ, तौफीक व शोएबा कार से मामला जानने बेटी की ससुराल पहुंचे।
तौफीक का आरोप है कि घर पहुंचते ही उन लोगों पर छत से पथराव किया गया, जिससे कार क्षतिग्रस्त हो गई। सिर में चोट लगने से वह लहूलुहान हो गया। आधा घंटे तक दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई। कई अन्य लोग भी घायल हुए। तौफीक और मोहम्म्द मोईन का पुलिस ने मेडिकल कराया। इनका आरोप है कि बहन को अक्सर ससुरालीजन प्रताड़ित करते हैं।
सूचना पर चौकी इंचार्ज नागेंद्र चौबे फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। किसी तरह मामला शांत कराया। उधर, पूर्व सभासद समशुन निशा पक्ष का आरोप है कि बहू के मायके पक्ष ने घर में एकराय होकर हमला किया था, जिसके बचाव में घटना हुई है। कोतवाल आरके पांडेय ने बताया पति शराफत, भाइयों लियाकत, अली हुसैन व पप्पू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
झगड़े की खबर पर बिना वर्दी पहुंचे चौकी इंचार्ज- डीजीपी जावीद अहमद का पुलिस की पिटाई के मामलों को देखते हुए हाल में फरमान जारी हुआ था कि झगड़े, बलवे की सूचना पर बगैर वर्दी पुलिस कर्मी न पहुंचे। डीजीपी के आदेश को जेल चौकी इंचार्ज ने मंगलवार को ताक पर रख दिया। वह घटनास्थल पर ट्रैक सूट में जा पहुंचे।