फोटो-23-चौडगरा पीएचसी गोपालगंज में मरीज देखते डाक्टर। संवाद
चौडगरा/असोथर। मुख्यमंत्री आरोग्य मेले ग्रामीण क्षेत्रों में औपचारिकता बनकर रह गए हैं। गिन-चुने कर्मचारी पहुंचकर ओपीडी शुरू कर देते हैं, जबकि विशेषज्ञ डॉक्टरों के न बैठने से गंभीर मरीजों को मेडिकल कॉलेज की राह देखनी पड़ रही है।
मलवां ब्लॉक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोपालगंज में रविवार को दिनभर में सिर्फ 18 मरीज पहुंचे। इनमें सात मरीज जुकाम, बुखार और खांसी से पीड़ित थे, जबकि 11 महिलाएं विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए पहुंचीं।
मरीज नरेश, रोली देवी, सविता, आदर्श, राखी, शिवा, संतोष और महरहा निवासी प्रहलाद ने बताया कि अस्पताल में इलाज के नाम पर महज औपचारिकता निभाई जाती है।
मेले में डॉ. अभिषेक सैनी, डॉ. हिमांशु गुप्ता, फार्मासिस्ट अरविंद पटेल, लैब टेक्नीशियन दिवाकर द्विवेदी और वार्ड बॉय मुकेश पांडे मौजूद रहे। वहीं असोथर पीएचसी में डॉ. योगिता प्रसाद मरीजों का इलाज करती मिलीं। यहां सुबह 11:30 बजे तक 35 मरीजों की ओपीडी हो चुकी थी।
फोटो-23-चौडगरा पीएचसी गोपालगंज में मरीज देखते डाक्टर। संवाद