शहर में रैन बसेरा न होने से गरीबों के साथ सफर करने वाले मुसाफिरों को
काफी समस्याओं से सामना करना पड़ रहा है। तापमान में दो दिन से हो रही
गिरावट से ठंड बढ़ने लगी है। ठंड के साथ कोहरे ने रोडवेज की सेवाएं
प्रभावित कर दी हैं।
मंगलवार की सुबह शहर में घटना कोहरा रहा। जिससे
रात्रिसेवा वाली बसें सुबह के बजाय दोपहर को बस अड्डे पर पहुंची। बसों की
लेटलतीफी मुसाफिरों की परेशानी का कारण बनी रही। लोग फुटपाथ और आसपास की
दुकानों में बैठकर बस का इंतजार करते रहे।
सर्दी के साथ कोहरे का धुंध बेहाल करने लगा है। सर्दीली हवाएं ठिठुरन पैदा
कर रही है। इससे यातायात सेवा के साथ जीवनशैली पर असर पड़ा है। सरकारी व
गैर सरकारी अस्पताल, क्लीनिकों में मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी है। बसों और
ट्रेन की रफ्तार धीमी पड़ी है।
मौसम के बिगड़ते मिजाज को देखने के बाद भी
जिला प्रशासन स्तर पर अभी तक अलाव के कोई प्रबंध नहीं हो सके है। जिसके
चलते राहगीर कूड़ा जलाकर उससे गर्मी लेने को मजबूर है। दिसंबर माह की दस्तक
के साथ सर्दी भी असर दिखाने लगी है।
तापमान गिरने और दोपहर तक कोहरा छाए
रहने से जनजीवन पर असर दिखाई देने लगा है। मंगलवार सुबह से कोहरे की घनी
चादर रही। सुबह नौ बजे तक कोहरा नहीं छंटने से नौकरी पेशा लोगों पर खास
प्रभाव पड़ा। वाहनों की रफ्तार कम हो गई है।
सर्दी के साथ कोहरे से स्कूली बच्चे ज्यादा परेशान है। कोचिंग व शिक्षण
संस्थान पहुंचने के टाइम ने छात्र व छात्राओं को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया
है। उसपर कोहरा और परेशानी का सबब बना है। मौसम के इस मिजाज से छोटी
कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चे सर्वाधिक जूझ रहे हैं।
मंगलवार को सादीपुर
चौराहे से रेलवे स्टेशन की ओर जा रही एक छात्रा ने अचानक सामने आए बंदर को
देखकर साइकिल रोक दी। इस प्रयास में बंदर से तो बच गई, लेकिन वह साइकिल के
साथ गिर पड़ी। बच्ची ने बताया कि कोहरे के कारण बंदर नहीं दिखाई पड़ा।
मौसम बदलने से बीमारों की संख्या बढ़ने लगी है। मौसम का असर हर उम्र पर
पड़ रहा है। जरा सी असावधानी से तबियत बिगड़ सकती है। सर्दी, जुकाम, बुखार,
एलर्जी के साथ नाक, कान और गला के रोगी लगातार बढ़ रहे हैं। सदर अस्पताल
से लेकर शहर के अन्य नर्सिंगहोम व क्लीनिक में रोगियों का मजमा लगने लगा
है।
सदर अस्पताल की ओपीडी में मंगलवार को ऐसे रोगियों की खासी संख्या रही।
जनरल फिजीशियन डॉ. केके पांडेय ने बताया कि सर्दियों में पाचन दोष, सिर
दर्द, होंठ फटना, बलगम जमा हो जाता है। जोड़ों में दर्द की समस्या आम बात
है। सुबह और शाम तापमान व दिन भर के तापमान में अंतर रहता है। इसलिए ऐसी
बीमारियां बढ़ती है।