- दहेज की मांग पूरी न होने पर आरोपी बारात नहीं ले गए थे
- लड़की के पिता ने आहत होकर दे दी थी जान
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश जुनैद मुजफ्फर की कोर्ट नंबर पांच ने दो लोगों को पांच साल की कैद और छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपी हमीरपुर जिले के रहने वाले हैं।
बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के नरैचा गांव के नयापुरवा निवासी रामसुफल ने अपनी बेटी माला की शादी हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र के अतरइया निवासी अमर सिंह के साथ तय की थी। बारात छह दिसंबर 2020 को आनी थी। अचानक दहेज में अमर सिंह की ओर से दो लाख रुपये नकदी की मांग की गई थी। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर लड़के वाले बारात लेकर नहीं पहुंचे थे।
इससे राम सुफल आहत हो गए और गुमसुम हो गए। 17 दिसंबर 2020 को राम सुफल ने फंदा लगाकर जान दे दी थी। सहायक शासकीय अधिवक्ता रघुराज सिंह ने बताया कि मामले में मृतक के भाई देशराज ने अमर सिंह और उसके पारिवारिक रामगोपाल के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज कराया था। प्रकरण में छह गवाह पेश हुए। मामले की सोमवार को कोर्ट ने अंतिम सुनवाई की। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को पांच साल की कैद और छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।