फतेहपुर। नाबालिग से दुष्कर्म की कोशिश के मामले में अपर जिला न्यायाधीश/पाक्सो कोर्ट द्वितीय की पीठासीन अधिकारी नित्या पांडेय ने दोषी पांच साल की कैद और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामला थरियांव थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 14 वर्षीय किशोरी के साथ हुई थी। घटना आठ फरवरी 2018 की रात की है। किशोरी की मां और पिता भट्ठे पर मजदूरी करने गए थे। घर में किशोरी और उसका 16 वर्षीय बड़ा भाई था। दोनों घर के बाहर छप्पर के नीचे सो रहे थे। करीब रात 10 बजे गांव का रामभवन पहुंचा। उसने किशोरी के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया था। शोर सुनकर भाई की नींद खुली थी। आसपास रहने वाले गांव के लोग भी किशोरी की चीख पुकार सुनकर पहुंच गए। ग्रामीणों को रामभवन जान से मारने की धमकी देकर भाग निकला था।
विशेष लोक अभियोजय देवेश श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में कोर्ट किशोरी के पिता की ओर से थरियांव थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। कोर्ट के समक्ष छह गवाह पेश हुए। गवाह और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने मंगलवार केे अंतिम सुनवाई की। इसके बाद रामभवन को पांच साल की कैद और पांच हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की सारी राशि पीड़ित को देने का आदेश किया है।