फतेहपुर। दस दिन से लेखपालों का धरना-प्रदर्शन जारी है। जिसकी वजह से जिले भर में कामकाज ठप है। इससे अब आमजन की दिक्कतें बढ़ने लगी हैं। सबसे ज्यादा परेशानी छात्रों और रोजगार खोज रहे लोगों को हैं। कामकाज न होने से जिले की तीन तहसीलों सदर, खागा व बिंदकी में पांच हजार से ज्यादा आय, जाति, निवास प्रमाण पत्रों के आनलाइन आवेदनों पर लेखपालों की रिपोर्ट नहीं लग रही हैं।
प्रमुख सचिव राजस्व रेणुका कुमार ने लेखपालों के इस प्रदेश व्यापारी धरना प्रदर्शन के विरुद्ध एस्मा लगा दिया है। जिसकी वजह से अब लेखपाल वैध रूप से धरना नहीं कर सकते। बावजूद इसके सोमवार को भी लेखपाल अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष कंधईलाल पाल और जिलामंत्री बीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में प्रमुख सचिव राजस्व रेणुका कुमार के आदेश को दरकिनार करते हुए सदर तहसील मुख्यालय में लेखपालों ने सरकार के विरोध में अपनी आवाज बुलंद की। आठ सूत्री मांगों को लेकर लेखपालों ने पिछले दस दिन से कलमबंद हड़ताल की हुई है। जिसकी वजह से खागा तहसील में (1500), सदर (1750) व बिंदकी में (1800) आवेदन पेंडिंग हैं। लेखपालों ने ऐलान किया कि आगे भी धरना जारी रहेगा। धरने में लेखपाल ज्ञान सिंह यादव, रमेश चंद्र पटेल, हरि गोविंद सिंह, विशोक कुमार सहित अन्य लेखपाल मौजूद रहे।
खागा। लेखपालों के कार्य बहिष्कार की वजह से प्रमाण पत्र के आवेदनों के साथ ही खसरा-खतौनी की नकलें नही मिल रही हैं। लेखपालों की हड़ताल से करीब दो सैकड़ा आईजीआरएस संपूर्ण समाधान दिवस की शिकायतों का निस्तारण नहीं हो रहा है। पीड़ित तहसील के चक्कर लगा रहे हैं। खसरा खतौनी की नकलों के लिए आवेदन पत्र ही नही लिए जा रहे हैं। ऐलई के शनि पांडेय, नरसिंहपुर के राजाराम ने बताया कि खतौनी की नकल के लिए कई दिन से लौट रहे हैं। वहीं उमेश कुमार, रेनुका, संतोष कुमार, रावेंद्र प्रताप ने बताया कि आय और निवास प्रमाण पत्र के लिए 15 दिनों से तहसील के चक्कर लगा रहे हैं। तहसीलदार शशिभूषण मिश्रा ने बताया कि एक दो दिन में लेखपालों की हड़ताल खत्म नही हुई तो वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।