फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fatehpur News: मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू के पांच संदिग्ध मरीज मिले

विज्ञापन
फोटो-28- मेडिकल कॉलेज में ओपीडी के लिए कतार बद्ध महिलाएं। संवाद
विज्ञापन
अल्लीपुर। जिले में स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता के बीच मेडिकल कॉलेज प्रशासन भी सतर्क मोड में आ गया है। पिछले तीन दिनों में फ्लू जैसे लक्षण वाले पांच संदिग्ध मरीज मेडिकल कॉलेज पहुंचे हैं। सभी के सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे गए हैं। ये सभी ग्रामीण मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने आए थे।
विज्ञापन

हालांकि मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरके मौर्या के मुताबिक अभी तक किसी भी मरीज में स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं ओपीडी में आने वाले मरीजों की अब फ्लू लक्षणों के आधार पर स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 1200 से 1300 मरीज पहुंचते हैं। मरीजों की इस भारी भीड़ के बीच संक्रमण के संभावित प्रसार को रोकना बड़ी चुनौती है। इसी को देखते हुए ओपीडी के बाहर अलग फ्लू हेल्प डेस्क और स्क्रीनिंग काउंटर बनाया गया है। यहां फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों की प्राथमिक जांच के बाद उन्हें जरूरत के अनुसार आगे की जांच और उपचार के लिए भेजा जा रहा है।
विज्ञापन

कॉलेज प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 10 बेड का फ्लू वार्ड भी सक्रिय किया है। फिलहाल वार्ड में सामान्य मरीज भर्ती हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसे संदिग्ध या संक्रमित मरीजों के आइसोलेशन के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।


भीड़ वाले स्थानों पर सबसे ज्यादा चुनौती
मेडिकल कॉलेज में फ्लू संक्रमण से निपटने में सबसे बड़ी चुनौती मरीजों की भारी भीड़ है। स्क्रीनिंग काउंटर अलग बनाए जाने के बावजूद रजिस्ट्रेशन, कैश काउंटर और फार्मेसी के सामने लगने वाली लंबी कतारें संक्रमण नियंत्रण की व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। यहां मरीज और तीमारदार लंबे समय तक एक-दूसरे के संपर्क में रहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार फ्लू जैसे संक्रामक रोगों की स्थिति में केवल अलग वार्ड बना देना पर्याप्त नहीं है। मरीज के अस्पताल में प्रवेश से लेकर पंजीकरण, जांच, दवा लेने और भर्ती होने तक उसकी आवाजाही को व्यवस्थित करना जरूरी है।


कर्मचारियों को जारी की गई एडवाइजरी
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों के लिए संक्रमण से बचाव संबंधी एडवाइजरी जारी की गई है। फ्लू वार्ड में तैनात कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के साथ ड्यूटी करने, प्रत्येक मरीज के संपर्क के बाद हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखने और सैंपल लेते समय निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण पर भी जोर दिया गया है। प्रबंधन ने कर्मचारियों को यह भी निर्देश दिया है कि किसी स्वास्थ्यकर्मी में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर वह तत्काल इसकी सूचना देकर अपनी जांच कराए और आवश्यकता पड़ने पर ड्यूटी से अलग रहे।


प्राचार्य बोले- अभी एक भी केस कन्फर्म नहीं
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरके मौर्या ने बताया कि पिछले तीन दिनों में फ्लू जैसे लक्षण वाले पांच संदिग्ध मरीज आए हैं। सभी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। अभी तक स्वाइन फ्लू का कोई केस कन्फर्म नहीं हुआ है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घबराने की जरूरत नहीं है। लक्षण दिखाई देने पर मेडिकल कॉलेज के फ्लू कॉर्नर में संपर्क करें और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर अनावश्यक जाने से बचें।

फोटो-28- मेडिकल कॉलेज में ओपीडी के लिए कतार बद्ध महिलाएं। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें