बिंदकी में लगे लंबे जाम पर फं से सैकड़ों वाहन।
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बिंदकी। नगर के बांदा-सागर व मुगल रोड हाईवे पर चार किमी लंबे जाम में सैकड़ों वाहन व हजारों लोग फंसे रहे। उमस भरी गर्मी में प्यास से राहगीर तड़पते रहे। सीरियस मरीज को बांदा से कानपुर ले जा रही एंबुलेंस व नीली बत्ती वाले वाहन में सवार अधिकारी भी फंसे रहे। बाईपास निर्माण न होने से बिंदकी में जाम की समस्या नासूर बन गई है। सात करोड़ रुपये पानी में बहाने के बाद पांच वर्षों में बिंदकी का बाईपास चालू नहीं हो सका। बाईपास का चार सौ मीटर रुका निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया। बिंदकी नगर के बीच से मुगलरोड व बांदा सागर हाईवे निकलने के कारण रात दिन वाहनों की लाइन लगी रहती है। यहां जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए शासन ने बाईपास निर्माण कराने के लिए 8 करोड़ 50 लाख रुपये मंजूर किए थे। 2011 में शुरू चार किलोमीटर बाईपास निर्माण में सात करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए हैं। मात्र चार सौ मीटर कार्य पांच वर्षों में पूरा नहीं कराया गया। जब कि शासन की मंशा के अनुसार बाई पास निर्माण कार्य दो वर्ष में पूरा कर 2013 में लोकार्पण होना था। जाम में फंसे वाहनों को निकलवाने के लिए पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे कोतवाल राजेश सिंह चौहान को पसीना छूट गया। जाम में फंसे लोगों ने कहा कि प्रशासन को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए आगे आना चाहिए। बाईपास का निर्माण कार्य पूरा नहीं होगा, तब तक यह समस्या बनी रहेगी।
पीडब्लूडी को दोषी ठहरा रहे किसान
बिंदकी। बाईपास निर्माण के लिए चार सौ मीटर भूमि के मालिक किसानों में कमेंद्र सिंह, सुल्तान सिंह, सुधीर यादव पीडब्लूडी को दोषी ठहरा रहे हैं। कहना है कि निर्धारित भूमि सर्किल रेट में विभागीय अधिकारी भुगतान नहीं करना चाहते हैं। जब किसान जनहित के खातिर अपनी भूमि सर्किल रेट से कुछ कम दाम मिलने पर भी बेंचने को तैयार हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
बिंदकी। एसडीएम जेएन सचान ने बताया कि बिंदकी बाईपास का रुका निर्माण पूरा कराने के लिए रोड़ा बने कुछ किसान व पीडब्लूडी के अधिकारियों के साथ कई बार बैठक की गई है, लेकिन बात न बनने से काम शुरू नहीं हो सका है ।