फतेहपुर। शराब में जहर पिलाकर हत्या के 18 साल पुराने मामले में अदालत ने पांच अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट डॉ. मोहम्मद इलियास की अदालत ने सभी दोषियों पर कुल 9.20 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी (आर) धर्मेंद्र प्रताप ने बताया कि थाना असोथर क्षेत्र के रिठवां गांव निवासी सुरेंद्र कुमार पासवान ने मामला दर्ज कराया था। अभियोजन के अनुसार 13 जनवरी 2008 की रात करीब एक बजे सुरेंद्र सिंह यादव, नीरज सिंह यादव, अजय सिंह यादव, नरेंद्र सिंह यादव तथा दीपू सिंह हथियारों से लैस होकर पहुंचे।
आरोप था कि गाली-गलौज और जातिसूचक शब्द कहने के बाद आरोपियों ने पीड़ित को जबरन शराब में जहर मिलाकर पिला दिया। इससे उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद हुई विसरा जांच में पेट में विषैले पदार्थ की पुष्टि हुई।
सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने पांचों अभियुक्तों को आईपीसी की धारा 302/149 तथा एससी-एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं में दोषी ठहराया। अदालत ने आजीवन कारावास के साथ अर्थदंड की सजा सुनाई।
इसके अलावा धारा 147, 148, 504 और 506 आईपीसी के तहत भी अलग-अलग अवधि के कारावास एवं जुर्माने की सजा दी गई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
फोटो-35-नीरज सिंह। स्रोत: वीडियो ग्रैब
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