थाना क्षेत्र के मछली व्यापारी शंकर पासवान (32) की हत्या के मामले में पुलिस ने दो लोगों को नामजद किया है। हालांकि अभी इनके खिलाफ न कोई ठोस सुराग है और न ही हत्या की ठोस वजह सामने आ सकी है। हत्याकांड के पीछे आशनाई का भी मामला हो सकता है।
बता दें कि खखरेरू कस्बा निवासी शंकर पासवान सोमवार रात जहांगीर नगर गौरा से मछलियां बेचकर घर जा रहे थे। भीमपुर पुलिया के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। भाई इंदल की तहरीर पर हत्याकांड की रिपोर्ट दर्ज की गई।
तहरीर में शक जताया है कि हत्या में सौतेले भाई अजय पासवान और चचेरे भाई शिव प्रकाश पासवान शामिल हो सक ते हैं। यह लोग उनसे पुरानी खुन्नस रखते थे। इसी वजह से हत्या की गई होगी।
पुलिस ने दोनों को शक के आधार पर नामजद किया है। इंदल ने बताया कि छह माह पहले शिव प्रकाश के भाई की दुर्घटना में मौत हो गई थी, लेकिन वे लोग हमेशा शंकर पर ही दुर्घटना कराने का आरोप लगाते रहे हैं। चार साल से सौतेले भाई और चचेरे भाई से विवाद चल रहा था।
जमीन जायदाद के बंटवारे को लेकर भी कई बार विवाद हो चुका है। इन्हीं कारणों के चलते दोनों मिलकर भाई की हत्या कर सकते हैं। एसओ श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि शक के आधार पर जांच की जा रही है। इनके खिलाफ ठोस सुराग नहीं मिले हैं। पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।
हत्या में लूट की गुंजाइश कम- शंकर की जेब से 5100 रुपये, मोबाइल व सारे कागजात बरामद हुए हैं। वहीं बाइक भी घटनास्थल पर ही मिली है, जिससे लूट की वजह से हत्या करने की गुंजाइश कम हो गई है।
हालांकि पुलिस ने यह बिंदु छोड़ा नहीं है। माना जा रहा है कि गोली मारने की आवाज पर शायद कुछ लोग मौके पर पहुंचे हों, तभी जल्दबाजी में लूटपाट किए बगैर ही बदमाश फरार हो गए हों।
ऊंचाइयों का छू रहा था शंकर:- खखरेरू में मौत के घाट उतारे गए शंकर के अच्छे दिन उसकी मेहनत और लगन का नतीजा था। यह बात परिवार से जुड़े कुछ लोगों को रास नहीं आती थी। परिजनों ने बताया कि शंकर और इंदल के लिए उसके पिता महादेव कुछ नहीं छोड़ गए थे। उन्होंने दूसरी शादी भी कर ली थी, जिससे परिवार और भी अस्तव्यस्त हो गया था।
आर्थिक तंगी होने के कारण शंकर की पढ़ाई भी पूरी नहीं हो सकी, उसने बचपन में ही तालाबों पर जाकर मछलियां पकड़ना और बाजार आकर बेचने का काम शुरू किया था। धीरे-धीरे तालाबों को किराए में लेने लगा और मछली पालन का व्यापार करने लगा, उसकी मेहनत से कामकाज इतना बढ़ गया था कि इलाहाबाद तक तालाब किराए पर लेने जाता था।
तीन बच्चों से छिना पिता का साया- शंकर के तीन बच्चे शिवम, पलख और शिवानी हैं। पूरा परिवार शंकर पर ही आश्रित था। उसकी पत्नी अंजना का घटना से रो-रोकर बेहाल है।