फतेहपुर। बायो गैस प्लांट लगाने का झांसा देकर युवक के साथ 1.16 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई है। एसपी के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ रविवार को प्राथमिकी दर्ज की है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के आवास विकास काॅलोनी निवासी सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि सतत योजना के तहत बिंदकी तहसील के दमापुर गांव में बायो गैस प्लांट लगाया जाना था। ग्रेटर नोएडा की नेक्सजेन एनरजिया कंपनी से एक जुलाई 2025 को 8.92 करोड़ में प्लांट लगाने की बातचीत हुई थी। कंपनी ने एक वर्ष में प्लांट तैयार कर हैंडओवर करने की बात कही थी।
काम शुरू कराने के लिए फर्म ने जनवरी 2026 में 86 लाख एडवांस दिए। मशीनरी पहुंचाने की बात कहकर कंपनी के मैनेजर के कहने पर 30 लाख रुपये और दे दिए गए। कंपनी ने 86 लाख रुपये लेने के बाद मानक के अनुरूप कार्य नहीं किया और मशीनरी भी नहीं भेजी।
कंपनी के डायरेक्टर सतीश कुमार सिंह ने बताया कि इतनी रकम में प्लांट शुरू नहीं हो पाएगा। प्लांट चालू करने के लिए पांच करोड़ और मांगे गए। रुपये लौटाने को कहने पर टालमटोल करने लगे।
जानकारी करने पर पता चला कि कंपनी और उसके प्रमोटरों के खिलाफ धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हैं। राजकोट, भंडारा, सूरत, मेरठ और विजयगढ़ में बायो गैस प्लांट का झांसा देकर ठगी करने के आरोप हैं। गिरोह बनाकर लोगों को झांसा देकर धोखाधड़ी करने की बात भी सामने आई है।
कोतवाल हेमंत मिश्रा ने बताया कि चेयरमैन पीयूष द्विवेदी, आयुष द्विवेदी, अंकुर दुबे, मतीश कुमार सिंह, संजय गुप्ता, आनंद द्विवेदी और सत्येन्द्र चौहान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।