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Fatehpur News: सात दशक पुरानी तालाब की भूमि की हेराफेरी में प्राथमिकी

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फतेहपुर। सदर कोतवाली पुलिस ने सात दशक पुराने सरकारी दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर तालाब की बेशकीमती जमीन हड़पने के मामले में बुधवार को प्राथमिकी दर्ज की है। यह मामला वर्ष 1954 का है लेकिन हाल ही में जमीन की खरीद-फरोख्त होने के बाद शिकायत मिली। प्राथमिकी के बाद क्रेता-विक्रेताओं में हलचल तेज हो गई है।
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खागा तहसील के अभिलेखपाल अशोक कुमार ने पुलिस को बताया कि हथगाम थाने के मोहलिया के पूर्व प्रधान तौसीफ अहमद ने डीएम से तालाब की भूमि पर अवैध कब्जों की शिकायत की थी। जांच में मोहलिया गांव के राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 502 तालाब की जमीन को 1954 में गाटा संख्या 1036 में बदलकर करीब आठ बीघा 15 बिस्वा जमीन फर्जी आदेश के तहत खतौनी में दर्ज कर हड़प लिया गया पाया गया।
जांच में अभिलेखागार में मौजूद बंदोबस्त हाल के खसरा-खतौनी में जमीन, गाटा और रकबा मिटा पाया गया। खतौनी 1356 और 1359 फसली के तालाब के खातों से रकबा व गाटा संख्या हटने से राजस्व अधिकारियों के भी होश उड़ गए।
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अभिलेखपाल की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी गई है। सितंबर में भूमि नसीब खान समेत सात लोगों ने कौशाम्बी जिले के दौलतपुर निवासी मोहम्मद आजम को जमीन बेच दी थी। कोतवाल तारकेश्वर राय ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है।

जानकारी के बाद भी भूमि खरीदने-बेचने का खेल हुआ







पूर्व प्रधान तौसीफ का दावा है कि दस्तावेजों से छेड़छाड़ की जानकारी के बाद क्रेता-विक्रेताओं व बिचौलियों ने खरीद फरोख्त की है। बैनामा से पूर्व क्रेता और उसके साथियों को गाटा 502 पूर्ण रूप से तालाबी भूमि होने की जानकारी थी। इसके बाद भी भूमि का बैनामा कराने के बाद प्लाॅटिंग शुरू की गई। आरोप है कि 27 सितंबर 2025 को बैनामा में भूमि की कीमत मात्र दो लाख 20 हजार दिखाई गई। शाहपुर-पट्टीशाह रोड स्थित बेशकीमती जमीन का सौदा करीब 65 लाख में होना बताया जा रहा है। रकम का भुगतान करीब 20 लाख नकद व बाकी चेक से किया गया है। एक बिचौली के पुत्र के बैंक खाते में बड़ी रकम डाले जाने की चर्चा है।
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