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छप्पन साल बाद गांव वापस आए मुस्तकीम

Sat, 18 Jun 2016 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो फतेहपुर
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दोनों भाइयों के बीच में बैठे मुस्तकीम। - फोटो : अमर उजाला
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मोहम्मदपुर गौंती गांव में 56 साल बाद घर आए 72 वर्षीय मुस्तकीम को देख परिजन और पड़ोसी दोनों आश्चर्यचकित रह गए। पहचान होने पर बडे़ ही मोहब्बत से मिले और सभी के आंखों में आंसू छलक पडे़। अपने हम उम्र लोगों की जानकारी देेने और छोटे भाई को पहचानने के बाद लोगों को उन पर विश्वास हुआ। छोटे भाई की एक आंख खराब होने से उन्होंने पहचान किया।
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गंाव के दिवंगत मनसद अली के तीन बेटे इरशाद, मुस्तकीम और बाबू हैं। दूसरे नंबर के मुस्तकीम 56 साल पहले 16 वर्ष की उम्र में मां-बाप की डांट से घर छोड़कर भाग गए थे। तलाश के बाद जब नहीं मिले तो परिजन और गांव वालों ने मृत मान लिया था। घर लौटे मुस्तकीम ने बताया कि मध्य प्रदेश वर्तमान में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर भाग गया था। वहीं एक प्राइवेट फैक्ट्री में काम कर रहा था।


72 साल की उम्र में फैक्ट्री से निकालने के बाद वतन मोहम्मदपुर गौंती की याद आई। गांव आने पर परिवर्तन होने से पहचान ही नहीं पा रहे थे। चौकी मस्जिद के पास पहुंचने पर मुस्तकीम अपने घर खुद ही पहुंच गये। तीनों भाई एक दूसरे को नहीं पहचान सके। एक आंख वाले छोटे भाई बाबू की आंख की पहचान से परिजनों को विश्वास हो गया। पहचान होने पर सभी एक- दूसरे से गले मिले। बहन परवीन और जरीना भी आई। मुस्तकीम को देखने के लिए भीड़ जुटी रही।
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