मंगलपुर तकौली गांव में अचानक बुखार-जुकाम के मरीजों की संख्या में इजाफा होने से आसपास के गांव के लोग सशंकित हैं।
20 लोगों के बीमार होने से परिजन भी हैैरान हैं। ग्रामीण स्तर पर बेहतर व्यवस्था न होने से कुछ लोग कानपुर के प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं तो कुछ जहानाबाद और अमौली की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की शरण में हैं।
बुखार और जुकाम से पीड़ित होने पर मंगलपुर तकौली गांव की मनीषा पत्नी राजेश कुमार पाल और उनकी बेटी मानवी कानपुर में, खुशबू पुत्री जीत पाल जहानाबाद में, नितिन पुत्र मूूलचंद्र कानपुर में, मंजू पत्नी दयाशंकर सचान जहानाबाद में,
सुधनी पुत्री राजू सचान जहानाबाद में, सुमित पुत्र चंद्रभान सचान जहानाबाद, पप्पू पुत्र रामकिशोर गोस्वामी जहानाबाद, गोल्डी पुत्री देवी प्रसाद पाल जहानाबाद में, ईसा पुत्री ब्रजलाल पाल जहानाबाद में,
शिवम पुत्र शिव नरायण पाल जहानाबाद में, बीना देवी पत्नी राजू सचान जहानाबाद में, अवधेश सचान पुत्र मथुरा प्रसाद सचान, वंदना पत्नी अवधेश सचान और उनके पुत्र सोमेेश और शोभित, गोलू सचान पुत्र आलोक सचान, श्रीमति पत्नी देवीशंकर सचान जहानाबाद में इलाज करवा रहे हैं।
एक साथ इतने लोगों के बीमार पड़ने से गांव वाले सशंकित हैं। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजू सचान ने बताया कि पूरे गांव में साफ-सफाई कराई गई है। फिर भी लोग क्यों बीमार पड़े हैं, उनको इसकी जानकारी नहीं है।
वहीं इस संबंध में अमौली सीएचसी के अधीक्षक डॉ. पुष्कर कटियार ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
उन्होंने बताया कि वह क्षेत्र में निकले थे तो कुछ लोगों को सामान्य मौसमी बुखार की शिकायत थी। जिसका उपचार कर दिया गया था। गांव में कैंप लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा।
मंगलपुर तकौली से एक किलोमीटर की दूरी में बसे नोनारा गांव में तीन साल पहले डेंगू से ग्यारह मौतें हुईं थीं। इतनी बड़ी तादाद में लोगो के फिर से बुखार की चपेट में आने से ग्रामीण क्षेत्र में दहशत व्याप्त है।